मौसम का मिजाज:गर्मी, स्कूल अब 26 से खुलेंगे 8 दिन से मानसून का इंतजार…

रायपुर :

प्रदेश में पड़ रही उमस भरी तेज गर्मी के चलते स्कूलों की गर्मियों की छुटि्टयां एक हफ्ते और बढ़ गई है। सीएम विष्णुदेव साय ने बताया कि स्कूल अब 18 के बजाए 26 जून को खुलेंगे। इस बार गर्मी और लू के चलते स्कूल 22 अप्रैल से 16 जून तक बंद कर दिए गए थे। रविवार को शिक्षा विभाग की ओर से छुटि्टयां बढ़ाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

इधर, 8 जून को बस्तर पहुंचने के बाद मानसून पिछले 8 दिनों से सुकमा और बीजापुर में थमा हुआ है। बस्तर से रायपुर पहुंचने में मानसून को तीन से पांच दिन लगना चाहिए। मौसम विभाग का कहना है कि अभी तीन से चार दिन लग सकते हैं। यानी इस साल केरल और छत्तीसगढ़ में मानसून के जल्द पहुंचने का फायदा रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ को नहीं मिल पाया। केरल में मानसून को बस्तर को पहुंचने में 10 दिन लगते हैं। मानसून के बस्तर में एंट्री की सामान्य तारीख 10 जून है।

इस साल 8 जून को ही मानसून वहां पहुंच गया। 10 जून को बीजापुर पहुंचा। इसके बाद से पिछले छह दिनों से मानसून ठिठक गया। हालांकि ये िस्थिति पहली बार नहीं बनी है। इससे पहले बस्तर में आने के बाद मानसून को रायपुर तक की सफर तय करने में सप्ताहभर का वक्त लगता रहा है। सबसे ज्यादा वक्त 2018 में लगा था। उस वर्ष 8 जून को मानसून के बस्तर पहुंचने के बाद रायपुर आने में 18 दिन लग गए थे।

अब तक बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम नहीं

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से बारिश की गतिविधियां और मानसून की सक्रियता बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम पर मजबूत करता है। इस साल अब तक खाड़ी में कोई मजबूत सिस्टम नहीं बन पाया है। अरब सागर की ओर से मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। अरब सागर और पश्चिमी भारत में मानसून सक्रिय है। कुछ पूर्वी भारत में भी मानसून सक्रिय हो चुका है। मध्य भारत, पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी हिस्से तथा छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी हिस्से में अब तक मानसून पहुंच जाना चाहिए था।

मानसून कमजोर, लेकिन ब्रेक नहीं
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 8 जून को बस्तर के सुकमा में दाखिल होने के बाद मानसून ने शुरुआती बारिश की है। बस्तर के आसपास वर्षा हुई है, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से मानसूनी गतिविधियां थमी हुई हैं। इसे कमजोर मानसून कहा जा सकता है। मौसम विज्ञान की भाषा में बारिश के सामान्य से आधा या उससे ज्यादा की कमी कमजोर मानसून की निशानी है।

सुकमा में अब तक 34.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 71.8 मिमी है। इस तरह औसत से 52 फीसदी कम बारिश हुई है। यह कमजोर मानसून है। इसे मानसून ब्रेक नहीं कहा जा सकता। मौसम विज्ञानी डाॅ. गायत्री वाणी कांचिभ के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय होने से छत्तीसगढ़ में बारिश होगी।

18 से मानसूनी गतिविधियां बढ़ने के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 17 जून से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। 18 जून की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। मानसून को आगे बढ़ाने में पश्चिमी विक्षोभ का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह सिस्टम समुद्र की नम हवा को अपनी ओर खींचती है, वहीं बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम समुद्री हवा को आगे धकलते हैं।

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