स्वतंत्र छत्तीसगढ़ :
दुर्ग :
लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान 7 मई को संपन्न हो गया है। सुबह मौसम ने बदली करके मतदान का माहौल बनाया तो वहीं शाम को आई तेज आंधी बारिश ने पूरी व्यवस्था को चौपट कर दिया।
स्ट्रॉग रूम में कलेक्शन की व्यवस्था बिगड़ गई। आउट डोर में लगे पंडाल टेबल चेयर सब हवा से उड़ गए। इसके बाद कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी मौके पर पहुंची और कॉलेज कैंपस की अलग अलग बिल्डिंग में पूरे सेटअप को शिफ्ट कराया।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी EVM
शाम 6 बजे मतदान का कार्य पूरा होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी EVM और चुनाव सामग्री को समेटा गया। इसके बाद मतदान दाल एक एक कर EVM को जमा करने स्ट्रांग रूम पहुंचे।
आंधी पानी थमने का वेट करना पड़ा
शाम 7 बजे से मौसम बिगड़ने जिला प्रशासन की पूरी व्यवस्था फेल हो गई। तेज आंधी पानी के बीच बसों और अन्य गाड़ियों से मतदान दल स्ट्रांग रूम तो पहुंचा, लेकिन EVM जमा नहीं कर पाया। कई घंटे तक उन्हें वहां आंधी पानी थमने का वेट करना पड़ा।

जीनियरिंग कॉलेज के अंदर बने पंडाल
इधर तेज आंधी पानी ने शंकरा इंजीनियरिंग कॉलेज के अंदर बने पंडाल और कुर्सियों को उड़ा दिया। इस अव्यवस्था के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी मौके पर पहुंची। उनके साथ पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
कलेक्टर ने विधानसभावार ईवीएम कलेक्शन की व्यवस्था का निर्देश दिया। इसके बाद चंद घण्टे में पूरी व्यवस्था को कॉलेज बिल्डिंग के अंदर अलग-अलग विधानसभावार शिफ्ट किया गया।

कलेक्टर-SP ने खड़े होकर दिखाया मतदान दलों को रास्ता
जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों सहित निगम की टीम ने मिलकर कुछ ही घंटे के अंदर पूरी व्यवस्था को दुरुस्थ किया। कलेक्टर रिचा प्रकाश चौधरी और एसपी जितेंद्र शुक्ला खुद आंधी पानी में मौके पर खड़े होकर मतदान दलों को रास्ता दिखाया।

EVM जमा करने में सुरक्षा बल ने किया सहयोग
मौसम बिगड़ने से रात में अचानक रिसीविंग सेंटर की जगह बदलने का निर्णय लेना पड़ा। इसके बाद पुलिस प्रशासन का पूरा अमला मौके पर पहुंचा और रात भर EVM जमा करने में मतदान दलों की मदद करता रहा।
IG रामगोपाल गर्ग भी रात में पहुंचे और उन्होंने भी सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही एसपी जितेंद्र शुक्ला अपनी टीम के साथ ईवीएम के जमा होने और उनकी सीलिंग होने तक मौके पर मौजूद रहे।
2200 से अधिक सुरक्षा कर्मी रहे तैनात
एसपी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि चुनाव के दौरान कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। पूरा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। उन्होंने कहा कि जिले में 22 सौ से ज्यादा बाल सुरक्षा व्यवस्था में लगा हुआ था। इसमें पैरामिलिट्री फोर्स की 16 और छत्तीसगढ़ आर्मस फोर्स की तीन कंपनियां लगी थीं। इसके अलावा जिला पुलिस बल के 800 से अधिक जवान तैनात थे।
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