मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद के खात्मे को बताया विकास की सबसे बड़ी उपलब्धि, समापन समारोह में शामिल होंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह |
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ रविवार, 1 नवंबर को अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर नवा रायपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन आयोजित उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया शामिल हुए। उन्होंने कहा कि एक समय था जब छत्तीसगढ़ का नाम लेते ही नक्सलवाद की चर्चा होती थी, लेकिन आज प्रदेश की पहचान तेजी से बदल रही है। छत्तीसगढ़ अब पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है और देश-विदेश की मल्टीनेशनल कंपनियां यहां निवेश करने की इच्छुक हैं। उन्होंने प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, पर्यटन संभावनाओं और विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और उसके खात्मे की दिशा में मिली सफलता है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था। खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होने के बावजूद राज्य के अनेक क्षेत्रों तक विकास की योजनाएं और सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही थीं। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से इस चुनौती का समाधान करने में तेजी आई है और अब प्रदेश विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्योत्सव मेला स्थल को देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों ने आकर्षक रूप दिया है। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘सशक्त नारी-युवा उड़ान’ रखी गई है, जो महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित है।
तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को 41 राज्य अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष तीन नए राज्य सम्मानों की भी शुरुआत की जा रही है, जिनमें पंडवानी गायिका तीजन बाई, संत रविदास और चेन्दरू के नाम पर सम्मान शामिल हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने छह प्रवेश मार्ग, लगभग 40 हजार वाहनों की पार्किंग, 300 शौचालय, अस्पताल और 25 एंबुलेंस की व्यवस्था की है। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी कलाकारों की प्रस्तुतियां प्रदेश की समृद्ध लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर रही हैं। 26 वर्षों की विकास यात्रा के इस अवसर पर राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संभावनाओं और नए संकल्पों को प्रदर्शित करने का मंच बन गया है।
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