HomeCHHATTISGARHRAIPURस्टेट जीएसटी के 164 तबादलों पर बवाल, राज्य कर अधिकारियों में आक्रोश;...

Date:

स्टेट जीएसटी के 164 तबादलों पर बवाल, राज्य कर अधिकारियों में आक्रोश; सूची की समीक्षा की मांग…

मनपसंद पोस्टिंग और दूरदराज क्षेत्रों में तबादले को लेकर उठे सवाल, एक साल के भीतर दोबारा स्थानांतरण किए जाने पर भी जताई गई नाराजगी
हेडलाइंस
  • 164 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों में भेदभाव और नियमों की अनदेखी के आरोप।
  • कुछ अधिकारियों को मनपसंद पदस्थापना, तो कुछ को दूरदराज क्षेत्रों में भेजने पर सवाल।
  • राज्य कर अधिकारियों ने तबादला सूची की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग उठाई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग में हाल ही में जारी 164 अधिकारियों और कर्मचारियों की तबादला सूची को लेकर असंतोष बढ़ने का दावा किया जा रहा है। तबादलों में कथित भेदभाव, निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी और कुछ अधिकारियों को अपेक्षाकृत अनुकूल पदस्थापना दिए जाने के आरोपों ने विभागीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सूची को लेकर राज्य कर अधिकारियों में नाराजगी की बात सामने आई है।

तबादला सूची पर आपत्ति जताने वालों का कहना है कि विभाग ने लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण को आधार बनाया, लेकिन कुछ प्रभावशाली अधिकारियों को दोबारा उसी जिले में पदस्थ किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता को लेकर संदेह पैदा हुआ है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना पर भी सवाल

आरोपों के अनुसार, संयुक्त आयुक्त और उपायुक्त स्तर के कुछ अधिकारियों को दूरदराज क्षेत्रों में भेजा गया है, जबकि कुछ अन्य अधिकारियों को अपेक्षाकृत सुविधाजनक पदस्थापना मिली है। इसे लेकर स्थानांतरण प्रक्रिया में समान मानदंड अपनाए जाने की मांग उठ रही है। असंतुष्ट पक्ष का कहना है कि तबादलों का आधार स्पष्ट होना चाहिए, ताकि किसी अधिकारी को व्यक्तिगत पसंद-नापसंद या कथित गुटबाजी के कारण प्रभावित किए जाने की आशंका न रहे।

सहायक आयुक्त और राज्य कर अधिकारियों में नाराजगी

सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, राज्य कर अधिकारियों के मामले में निर्धारित समयावधि पूरी होने से पहले दोबारा तबादला किए जाने पर आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि कुछ अधिकारियों का लगभग एक वर्ष पहले स्थानांतरण हुआ था, इसके बावजूद उन्हें नई सूची में शामिल किया गया। इससे अधिकारियों के बीच असंतोष बढ़ने की बात कही जा रही है।

उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग

तबादला सूची पर सवाल उठाने वाले पक्ष ने मांग की है कि सभी स्थानांतरणों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए। साथ ही, यह स्पष्ट किया जाए कि किस आधार पर अधिकारियों को पदस्थापना दी गई और किन प्रशासनिक परिस्थितियों में निर्धारित अवधि से पहले दोबारा तबादले किए गए। मांग है कि यदि किसी मामले में नियमों के उल्लंघन या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

राज्य कर विभाग की तबादला सूची को लेकर उठे सवालों के बीच अब विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण की अपेक्षा की जा रही है। आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित आदेशों, लागू स्थानांतरण नीति और विभाग के आधिकारिक पक्ष का सामने आना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, तबादलों को लेकर जताई गई नाराजगी और समीक्षा की मांग ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है।

ख़बरें और भी…
स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related