रायपुर के सुंदर नगर स्थित आश्रम में हर्षोल्लास के साथ मना गरबा महोत्सव, बच्चों के साथ थिरकीं संस्था की सदस्याएं; सेवा, संवेदना और समान अवसर का दिया संदेश
हेडलाइंस
- कनिष्का फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने दिव्यांग बच्चों के साथ मनाया गरबा महोत्सव।
- घरौंदा आश्रम में संगीत और नृत्य के बीच बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा।
- अध्यक्ष खुशबू शर्मा ने कहा—हर बच्चे को सम्मान, अपनापन और खुशियों का समान अधिकार।
रायपुर। नवरात्रि के उल्लास के बीच कनिष्का फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने सुंदर नगर स्थित घरौंदा आश्रम में दिव्यांग बच्चों के साथ गरबा महोत्सव मनाया। कार्यक्रम में आश्रम की संस्थापिका श्रीमती मीना शर्मा सहित बच्चों और संस्था की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गरबा की धुन पर बच्चों और सदस्यों ने एक साथ नृत्य किया, जिससे आश्रम का वातावरण उमंग और खुशियों से भर गया। इस आयोजन के माध्यम से संस्था ने सामाजिक सहभागिता, संवेदनशीलता और समावेशी उत्सव का संदेश दिया।
बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी
गरबा महोत्सव के दौरान बच्चों का उत्साह और उनकी मुस्कान कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। संस्था की सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें त्योहार की खुशियों में सहभागी बनाया। आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के साथ आत्मीय संबंध मजबूत करना, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा समान अवसर और सम्मान का अनुभव कराना था। सामूहिक नृत्य और मेल-मिलाप ने इस अवसर को यादगार बना दिया।
फाउंडेशन की सदस्यों ने निभाई सहभागिता
कार्यक्रम में कनिष्का फाउंडेशन छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष खुशबू शर्मा के साथ नीतू सिंह, अन्नपूर्णा शर्मा, शुभांगी आप्टे, संध्या बडोले, लता लांजेवार, सारिका रंगारी, सुनीता मोदी, डॉली अमुले और गुनगुन शर्मा सहित संस्था की अन्य सदस्य उपस्थित रहीं। लाडो शर्मा ने भी आयोजन में सहभागिता की। कार्यक्रम में मोहित पुजारी का विशेष सहयोग रहा। सभी ने बच्चों के साथ गरबा कर उत्सव को आनंदमय बनाया।
सेवा और संवेदना के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
फाउंडेशन की अध्यक्ष खुशबू शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य सेवा, संवेदना और समर्पण के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक खुशियां पहुंचाना है। दिव्यांग बच्चे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें सम्मान, अपनापन तथा समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ त्योहार मनाना और उनके चेहरों पर मुस्कान लाना संस्था के लिए खुशी और संतोष का विषय है। फाउंडेशन भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और सेवाभावी आयोजन जारी रखेगा।
कनिष्का फाउंडेशन का यह आयोजन इस बात का संदेश देता है कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी बढ़ती है, जब समाज के हर वर्ग को उसमें शामिल होने का अवसर मिले। आपसी सहयोग, संवेदना और सम्मान से ऐसे प्रयास अधिक समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।


