HomeCHHATTISGARHBastarबस्तर के 8 पूर्व नक्सलियों ने पास की 10वीं की परीक्षा...

Date:

बस्तर के 8 पूर्व नक्सलियों ने पास की 10वीं की परीक्षा…

आत्मसमर्पण के बाद शिक्षा से जुड़कर बदली जिंदगी, गीता नारोटे ने 35 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी से हासिल की सफलता
हेडलाइंस
  • बस्तर संभाग के 8 पूर्व नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल से 10वीं पास की
  • आत्मसमर्पण के बाद पढ़ाई की ओर बढ़े सभी अभ्यर्थी परीक्षा में सफल रहे
  • गीता नारोटे ने 35 वर्ष की उम्र में प्रथम श्रेणी से 10वीं की परीक्षा पास की
  • अब आगे पढ़ाई कर नर्स बनने का सपना देख रही हैं गीता
  • दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के राज्य समिति सदस्य रहे भास्कर भी सफल अभ्यर्थियों में शामिल

बस्तर। कभी जंगलों में सशस्त्र संगठन के साथ जुड़े रहे बस्तर संभाग के 8 पूर्व नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के बाद शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की है। आत्मसमर्पण के बाद इन लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों के बीच जिन पूर्व नक्सलियों में पढ़ाई की इच्छा थी, उन्हें ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा देने का अवसर मिला। खास बात यह रही कि परीक्षा में शामिल सभी 8 पूर्व नक्सली सफल रहे।

35 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी से पास की 10वीं

इन सफल अभ्यर्थियों में गीता नारोटे की कहानी विशेष रूप से सामने आई है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली गीता ने पारिवारिक परिस्थितियों के कारण छठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद वह नक्सली संगठन से जुड़ गईं और करीब दो दशक तक संगठन में रहीं। संगठन के दौरान उन्होंने घायल सदस्यों के उपचार का काम किया। टांके लगाने, इंजेक्शन देने और दवाइयों की जानकारी के कारण उन्हें संगठन में चिकित्सकीय भूमिका के लिए जाना जाता था। आत्मसमर्पण के बाद गीता ने दोबारा पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया। 35 वर्ष की उम्र में उन्होंने 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की है। अब वह आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और नर्स बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं। उनकी यह शैक्षणिक उपलब्धि आत्मसमर्पण के बाद शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ने की प्रक्रिया की एक मिसाल के तौर पर सामने आई है।

संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके भास्कर भी सफल

10वीं परीक्षा पास करने वाले पूर्व नक्सलियों में भास्कर का नाम भी शामिल है। तेलंगाना के रहने वाले भास्कर ने 1990 के दशक में संगठन के सामान्य सदस्य के रूप में शुरुआत की थी। समय के साथ वह संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक पहुंचे और दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के राज्य समिति सदस्य रहे।

आत्मसमर्पण के बाद भास्कर समेत अन्य पूर्व नक्सलियों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी प्रक्रिया के तहत उन्हें औपचारिक शिक्षा पूरी करने का अवसर मिला और उन्होंने ओपन स्कूल के माध्यम से 10वीं की परीक्षा दी। परीक्षा में सफलता के बाद अब उनके लिए आगे की शिक्षा और पुनर्वास से जुड़े अवसरों का रास्ता खुला है।

आत्मसमर्पण के बाद शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर जोर

बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की पहल की जा रही है। जिन लोगों की औपचारिक शिक्षा बीच में छूट गई थी, उनके लिए ओपन स्कूल जैसी व्यवस्था के माध्यम से दोबारा पढ़ाई शुरू करने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

10वीं परीक्षा में सभी 8 पूर्व नक्सलियों की सफलता से यह भी सामने आया है कि आत्मसमर्पण के बाद शिक्षा पूरी करने की इच्छा रखने वालों को अवसर मिलने पर वे औपचारिक शिक्षा की राह पर आगे बढ़ सकते हैं। अब इन सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे की पढ़ाई, रोजगार और कौशल विकास से जुड़े अवसर महत्वपूर्ण होंगे।

खबरें और भी…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related