कालीबाड़ी स्थित सरकारी अस्पताल का वीडियो सामने आने के बाद मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल; अस्पताल प्रबंधन करेगा ड्यूटी रोस्टर की जांच
हेडलाइंस
वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड के ड्रिप लगाने का दावा | गर्भवती मरीजों के हाथ में कैनुला से जुड़ी प्रक्रिया करते दिखाई दिया गार्ड | डॉक्टरों ने बताया गंभीर रूप से गलत | अस्पताल प्रबंधन गार्ड को नोटिस देने की तैयारी में | डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी एवं रोस्टर भी जांचे जाएंगे |
रायपुर। राजधानी के कालीबाड़ी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में मरीजों की चिकित्सा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड गर्भवती महिलाओं को ड्रिप लगाते और कैनुला से जुड़ी प्रक्रिया करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना सामने आई, उस दौरान अस्पताल में चिकित्सकीय गतिविधियां चल रही थीं। वायरल वीडियो में सुरक्षा गार्ड को मरीजों के साथ ऐसी प्रक्रिया करते हुए देखा जा सकता है, जो सामान्यतः प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की जिम्मेदारी होती है। घटना ने अस्पताल में मरीजों की देखभाल, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और गार्ड द्वारा यह प्रक्रिया किस अनुमति या परिस्थिति में की गई, इसकी आधिकारिक जांच अभी बाकी है।
डॉक्टरों ने बताया गलत, गार्ड को नोटिस की तैयारी
वीडियो सामने आने के बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा गार्ड द्वारा मरीजों को ड्रिप लगाने और कैनुला संबंधी प्रक्रिया करने को गलत बताया है। अस्पताल प्रबंधन अब यह पता लगाने में जुटा है कि सुरक्षा गार्ड को ऐसी चिकित्सकीय प्रक्रिया करने की अनुमति किसने दी थी और उस समय संबंधित चिकित्सा कर्मचारी कहां मौजूद थे। प्रबंधन की ओर से संबंधित गार्ड को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
मामले में यह भी बताया गया है कि अस्पताल में उसी दिन करीब 12 सीजर ऑपरेशन हुए थे। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के लिए मरीजों की निगरानी और चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का रोस्टर भी जांचेगा प्रबंधन
अस्पताल प्रबंधन द्वारा घटना के समय तैनात डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की ड्यूटी एवं रोस्टर की जांच भी की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित समय पर निर्धारित चिकित्सकीय स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद था या नहीं और यदि मौजूद था तो सुरक्षा गार्ड द्वारा मरीजों से जुड़ी चिकित्सा प्रक्रिया करने की स्थिति कैसे बनी।
यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन के सामने मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की चुनौती है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन जिम्मेदार था। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
मातृ-शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़ी चिकित्सा सेवाएं संचालित होती हैं। ऐसे में मरीजों की चिकित्सा प्रक्रिया प्रशिक्षित और अधिकृत स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में होना महत्वपूर्ण है। वायरल वीडियो ने इसी व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब अस्पताल प्रबंधन की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।


