मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस, चार दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी सफर में 500 से अधिक फिल्मों में किया काम |
हेडलाइंस
24 सितंबर की शाम हुआ निधन | मुंबई के नानावटी अस्पताल में चल रहा था इलाज | कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे अभिनेता | ‘वेलकम’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्मों में निभाए यादगार किरदार | फिल्म, टेलीविजन और रंगमंच में बनाई अलग पहचान
मुंबई। हिंदी सिनेमा के जाने-माने चरित्र अभिनेता और हास्य कलाकार मुश्ताक खान का 24 सितंबर की शाम मुंबई में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले करीब 15 दिनों से नानावटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने की है। हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में उनकी उम्र को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है; कुछ रिपोर्टों में 56 वर्ष, जबकि अन्य में 75-76 वर्ष बताया गया है।
मुश्ताक खान ने हिंदी फिल्मों में सहायक और चरित्र भूमिकाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। ‘वेलकम’ में उनके हास्य अभिनय और यादगार संवाद ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई। इसके अलावा उन्होंने ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘आशिकी’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘जोड़़ी नंबर वन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘स्त्री’ और ‘गदर 2’ सहित कई फिल्मों में काम किया। उन्होंने फिल्मों के साथ टेलीविजन और रंगमंच पर भी लंबे समय तक सक्रिय रहकर अभिनय किया।
रिपोर्टों के अनुसार, मुश्ताक खान को करीब पांच वर्ष पहले कैंसर का पता चला था और उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था। हाल ही में बीमारी दोबारा गंभीर होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके व्यावसायिक सहयोगी ने बताया कि बीमारी दोबारा उभरने के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ी और 24 सितंबर की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।
मुश्ताक खान का फिल्मी सफर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने शुरुआती दौर में रंगमंच से अपनी पहचान बनाई और बाद में हिंदी फिल्मों में लगातार काम किया। उनके अभिनय की खासियत यह रही कि उन्होंने हास्य के साथ-साथ गंभीर और नकारात्मक भूमिकाएं भी निभाईं। ‘वेलकम’ में निभाया उनका किरदार आज भी दर्शकों के बीच याद किया जाता है। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर है और कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
मुश्ताक खान वर्ष 2024 में उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने दिल्ली-मेरठ मार्ग पर अपहरण किए जाने का दावा किया था। उनके अनुसार अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की मांग की थी और वह बाद में उनके चंगुल से निकलने में सफल रहे थे। अभिनय के क्षेत्र में लंबे योगदान के बाद उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने एक परिचित और बहुमुखी चरित्र कलाकार को खो दिया है।


