स्वतंत्र छत्तीसगढ़
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास स्थित रिंग बांध की जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने नाम कराने का आरोप है। प्रशासनिक जांच के बाद सरगुजा कलेक्टर ने जमीन खरीदने वाले आजाद इराकी समेत जमीन बेचने से जुड़े लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए जमीन नामांतरण का आरोप
जानकारी के अनुसार, रिंग बांध की जमीन पहले एक आदिवासी व्यक्ति के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति के नाम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया गया और इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कर उसका नामांतरण आजाद इराकी के नाम कर दिया गया। मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कराई।
SDM की जांच में सामने आई दस्तावेजी गड़बड़ी
शिकायत के बाद SDM स्तर पर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान जमीन से संबंधित दस्तावेजों में गड़बड़ी और कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने का मामला सामने आया।जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
कलेक्टर ने SP को लिखा पत्र
प्रशासनिक जांच के बाद सरगुजा कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें जमीन खरीदने वाले आजाद इराकी के साथ जमीन बेचने से जुड़े संबंधित लोगों के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज करने को कहा गया है। अब पुलिस FIR दर्ज करने के बाद जमीन के दस्तावेज, मृत्यु प्रमाण पत्र और नामांतरण की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनका इस्तेमाल करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
तत्कालीन सरपंच और सचिव की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में तत्कालीन सरपंच और सचिव की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। प्रशासनिक जांच के दौरान उनके स्तर पर जारी या सत्यापित किए गए दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठे हैं। FIR के बाद पुलिस संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांतरण से जुड़े दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की जांच करेगी। इसके आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
आगे क्या होगा?
कलेक्टर के निर्देश के बाद अब पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस दस्तावेजों की जांच के साथ संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जमीन से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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