स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेड लाइंस
कोरबा के भूलसीडीह क्षेत्र में रात्रि गश्ती के दौरान वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
बोलेरो मैक्स पिकअप से 26 सागौन लट्ठे बरामद, वाहन भी किया गया जब्त
करीब 2 घन मीटर लकड़ी की अनुमानित कीमत 85 हजार रुपए, कानूनी कार्रवाई शुरू
अवैध कटाई और काष्ठ परिवहन के खिलाफ लगातार निगरानी, ग्रामीणों और वन समिति का भी सहयोग
रायपुर, छत्तीसगढ़। प्रदेश में वनों की अवैध कटाई और काष्ठ के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोरबा वन मंडल की टीम ने रात्रि गश्ती के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सागौन लकड़ी से लदे बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन को जब्त किया है। वाहन से सागौन के 26 लट्ठे बरामद किए गए हैं। जब्त लकड़ी की मात्रा लगभग 2 घन मीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 85 हजार रुपए है। वन विभाग ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन मंत्री के निर्देश पर कार्रवाई तेज। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण और अवैध कटाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी एवं जांच अभियान संचालित किए जा रहे हैं। वन क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष रूप से रात्रि गश्ती बढ़ाई गई है, ताकि जंगलों से लकड़ी की अवैध कटाई कर उसका परिवहन करने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके। वन विभाग का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध काष्ठ कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

सूचना के बाद बढ़ाई गई वन मार्ग पर निगरानी। कोरबा वन परिक्षेत्र के भूलसीडीह क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध परिवहन की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने झगराहा से भूलसीडीह वन नाके के बीच स्थित वन मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी। टीम ने क्षेत्र में रात्रि गश्ती के दौरान आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान जंगल की दिशा से आ रहे बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन क्रमांक CG 13 AY 1202 को रोककर उसकी जांच की गई।
पिकअप वाहन से मिले 26 सागौन लट्ठे। वन विभाग की टीम द्वारा की गई जांच में पिकअप वाहन में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे सागौन के 26 लट्ठे पाए गए। वाहन चालक लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद विभाग ने सागौन लकड़ी और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। बरामद लकड़ी की कुल मात्रा करीब 2 घन मीटर आंकी गई है। विभाग के अनुसार इसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 85 हजार रुपए है। मामले में पी.ओ.आर. दर्ज कर लकड़ी के स्रोत और इस अवैध परिवहन से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई। यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी कोरबा श्री जितेंद्र कुमार उपाध्याय के आदेशानुसार की गई। अभियान को उप वन मंडलाधिकारी उत्तर कोरबा श्री राम सिंह राठिया तथा उप वन मंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा श्री सूर्यकांत सोनी का निर्देशन प्राप्त हुआ। वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री मृत्युंजय शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने रात्रि गश्ती और जांच के दौरान कार्रवाई को अंजाम दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अवैध कटाई और काष्ठ परिवहन से जुड़े मामलों में नियमित निगरानी के साथ सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
वनकर्मियों की टीम ने निभाई अहम भूमिका। कार्रवाई में वन विभाग के मैदानी अमले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में परिक्षेत्र सहायक श्री अश्मन आडिल, परिसर रक्षक श्री गुरुवेंद्र कुर्रे, श्री अर्जुन सिंह कंवर, श्री बलराम राठिया, कर्मचारी श्री चंद्रशेखर राठिया सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे। रात्रि गश्ती के दौरान टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर जांच की और अवैध सागौन लकड़ी बरामद करने में सफलता हासिल की। वन विभाग ने मैदानी स्तर पर गश्ती और जांच व्यवस्था को आगे भी प्रभावी बनाए रखने की बात कही है।
ग्रामीणों और संयुक्त वन प्रबंधन समिति का मिला सहयोग। इस कार्रवाई में स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग के अनुसार अवैध काष्ठ परिवहन की जानकारी देने में स्थानीय मुखबिरों और संयुक्त वन प्रबंधन समिति डुमरडीह-भूलसीडीह के सदस्यों का सहयोग मिला। समय पर मिली सूचना के आधार पर विभाग ने संबंधित वन मार्ग पर निगरानी बढ़ाई, जिसके बाद अवैध लकड़ी से लदा वाहन पकड़ा जा सका। वन विभाग ने स्थानीय लोगों और समिति के सदस्यों द्वारा वन संरक्षण के लिए दिए गए सहयोग की सराहना की है।
वन संरक्षण के लिए सतर्कता जरूरी। प्रदेश के वन और प्राकृतिक संसाधन पर्यावरणीय संतुलन के साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका और भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में अवैध कटाई और लकड़ी के अनधिकृत परिवहन को रोकने के लिए विभागीय कार्रवाई के साथ ग्रामीणों की सतर्कता और भागीदारी भी आवश्यक मानी जा रही है। ग्रामीणों ने भी वन संरक्षण के लिए विभाग द्वारा की जा रही त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों के खिलाफ निगरानी अभियान और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
खबरें और भी…


