रायपुर, छत्तीसगढ़
न्यायधानी बिलासपुर और आसपास के जिलों की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के उन्नयन और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 300 करोड़ रुपए के विशेष केंद्रीय अनुदान की मांग की है। सांसद ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष एयरपोर्ट के विस्तार का विस्तृत प्रस्ताव रखते हुए इसे वर्तमान श्रेणी से 4C श्रेणी में अपग्रेड करने की आवश्यकता बताई।
हेड लाइंस
बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए 300 करोड़ रुपए की विशेष केंद्रीय सहायता की मांग
1,500 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 2,885 मीटर करने का प्रस्ताव
4C श्रेणी में अपग्रेड होने पर बड़े यात्री विमानों के संचालन का रास्ता होगा मजबूत
नए एटीसी टावर और आधुनिक यात्री टर्मिनल भवन के निर्माण की योजना
छत्तीसगढ़ के 14 और मध्य प्रदेश के 3 सीमावर्ती जिलों को मिलेगा बेहतर हवाई संपर्क
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन
केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा विकास का विस्तृत खाका : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान बिलासपुर एयरपोर्ट के तकनीकी और अधोसंरचनात्मक विकास का विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने और भविष्य की हवाई यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे 4C श्रेणी में विकसित करने की मांग रखी। इसके लिए केंद्र सरकार से 300 करोड़ रुपए के विशेष अनुदान की मांग की गई है। प्रस्ताव का उद्देश्य एयरपोर्ट की सुविधाओं का विस्तार कर क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा देना है।
रनवे विस्तार से बड़े विमानों के संचालन को मिलेगा बल : सांसद द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में बिलासपुर एयरपोर्ट के मौजूदा 1,500 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 2,885 मीटर करने की बात कही गई है। रनवे विस्तार के बाद एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इससे बड़े कमर्शियल जेट विमानों के संचालन और नाइट लैंडिंग जैसी सुविधाओं के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। एयरपोर्ट के उन्नयन से यात्रियों को अधिक गंतव्यों के लिए बेहतर हवाई सेवा मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक एटीसी टावर और टर्मिनल भवन का प्रस्ताव : 300 करोड़ रुपए के प्रस्तावित विशेष केंद्रीय अनुदान से नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर के निर्माण के साथ आधुनिक यात्री टर्मिनल भवन विकसित करने की योजना भी रखी गई है। आधुनिक टर्मिनल सुविधाओं के विस्तार से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। वहीं, नया एटीसी टावर हवाई यातायात के प्रभावी और सुरक्षित प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण अधोसंरचना साबित हो सकता है। एयरपोर्ट के समग्र विकास के माध्यम से इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया गया है।
14 जिलों के लिए महत्वपूर्ण हवाई केंद्र : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट केवल बिलासपुर शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के 14 प्रमुख जिलों के निवासियों के लिए हवाई संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के तीन समीपवर्ती सीमावर्ती जिलों के लोगों को भी इस एयरपोर्ट के उन्नयन से लाभ मिल सकता है। बेहतर हवाई सुविधाओं से बिलासपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्रों को मिल सकता है लाभ : एयरपोर्ट के विस्तार और उन्नयन से बिलासपुर के साथ कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ और आसपास के औद्योगिक एवं पर्यटन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों का देश के प्रमुख शहरों से बेहतर हवाई संपर्क स्थापित होने पर औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी गति मिल सकती है। सांसद ने क्षेत्र की आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के विकास को आवश्यक बताया।
रायपुर एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीयकरण का मुद्दा भी उठा : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन के साथ रायपुर एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने का आश्वासन दिया।
हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा देने की उम्मीद : बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए 300 करोड़ रुपए के विशेष केंद्रीय अनुदान की मांग को क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित विकास कार्यों को मंजूरी मिलती है, तो न्यायधानी क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए बेहतर विमानन सुविधाओं का विस्तार हो सकता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है।
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