रायपुर, छत्तीसगढ़
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भाजयुमो और भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर विशाल तिरंगा यात्रा निकाली। बाइक रैली के साथ स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने करीब एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ पदयात्रा की। पूरे मार्ग में भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा।
हेड लाइंस
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर में निकली विशाल तिरंगा यात्रा
राजेश मूणत के नेतृत्व में बाइक रैली, बच्चों ने संभाला एक किमी लंबा तिरंगा
छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और देशभक्ति की धुनों ने बढ़ाया आयोजन का आकर्षण
भारत माता चौक पर विधि-विधान से हुई मां भारती की आरती
बाइक रैली के साथ निकला तिरंगा मार्च: तिरंगा यात्रा की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम के सामने से हुई। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ता बाइक लेकर रैली में शामिल हुए। बाइक रैली राजधानी के प्रमुख मार्गों से होते हुए भारत माता चौक, गुढ़ियारी पहुंची। यात्रा के दौरान कार्यकर्ता लगातार भारत माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
बच्चों का एक किलोमीटर लंबा तिरंगा बना आकर्षण: रामनगर क्षेत्र के स्कूली बच्चे और शिक्षक भी इस आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल हुए। बच्चों ने करीब एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ पदयात्रा की और देशभक्ति के नारे लगाए। बाइक रैली के बाद राजेश मूणत भी बच्चों के साथ तिरंगा पदयात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के लोक संगीत की धुनों पर पारंपरिक लोकनृत्य की प्रस्तुतियां भी हुईं, जिससे आयोजन में देशभक्ति के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई दी। रास्तेभर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।
भारत माता चौक पर मां भारती की आरती: शाम करीब 6 बजे गुढ़ियारी स्थित भारत माता चौक पर तिरंगा यात्रा का समापन हुआ। यहां पंडितों की मौजूदगी में विधि-विधान से मां भारती की आरती की गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक आरती में शामिल हुए। भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
तिरंगे के सम्मान में निकाली गई यात्रा: कार्यक्रम के दौरान राजेश मूणत ने कहा कि तिरंगे के सम्मान, मां भारती के प्रति समर्पण और अखंड स्वतंत्रता की कामना के लिए यह तिरंगा यात्रा निकाली गई है। उन्होंने कहा कि मां भारती के वैभव और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए किया गया कोई भी आयोजन किसी एक व्यक्ति का निजी आयोजन नहीं हो सकता। उन्होंने ऐसे आयोजनों में प्रत्येक व्यक्ति के योगदान को रामायण की गिलहरी की तरह पवित्र बताते हुए कहा कि देश और तिरंगे के सम्मान से जुड़ा यह आयोजन सभी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
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