दुर्ग, छत्तीसगढ़
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और उससे जुड़े दस्तावेज साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में किया जा रहा था।
हेड लाइंस
• दुर्ग पुलिस ने 13 म्यूल बैंक खाताधारकों को किया गिरफ्तार
• करीब 10 लाख रुपए के संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन का खुलासा
• 2 हजार से 15 हजार रुपए कमीशन लेकर दिए थे बैंक खाते
• पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम जब्त
दुर्ग, छत्तीसगढ़: सुपेला थाना, खुर्सीपार थाना और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 13 बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। तकनीकी जांच में करीब 10 लाख रुपए के संदिग्ध साइबर लेनदेन का पता चला है।
कमीशन के लालच में सौंप दिए बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 2 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के बदले अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम साइबर अपराधियों या उनके एजेंटों को दे दिए थे। इसके बाद इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजा जाता था, ताकि असली अपराधियों तक पुलिस की पहुंच मुश्किल हो सके।
इन बैंक खातों पर हुई कार्रवाई
जांच के बाद सुपेला थाना क्षेत्र के बंधन बैंक के 9 खाताधारकों और खुर्सीपार थाना क्षेत्र के इंडियन बैंक के 4 खाताधारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। इस संबंध में सुपेला थाना में अपराध दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
पुलिस ने बैंक दस्तावेज और मोबाइल किए जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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