बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा…

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स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क

📌 हाइलाइट बॉक्स:
10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग
8055 मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर
मलेरिया, टीबी, कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान
मोबाइल यूनिट्स के जरिए दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं
डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) से इलाज की निरंतरता सुनिश्चित

दुर्गम अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक

रायपुर, 23 अप्रैल 2026/ बस्तर संभाग के घने जंगलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तेज़ी से बढ़ रही है। जहां पहले इलाज के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद गांव-गांव पहुंच रही हैं। “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान” के 10 दिन पूरे होने तक यह पहल स्थानीय लोगों के बीच भरोसे का मजबूत आधार बनती नजर आ रही है।

बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग और तत्काल राहत

अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। हजारों मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें तुरंत राहत मिली। गंभीर मरीजों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर 8055 लोगों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जिससे उन्हें विशेषज्ञ उपचार मिल सका।

गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान

स्वास्थ्य टीमों ने जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की है। समय पर इन बीमारियों का पता लगने से न केवल उपचार शुरू हुआ है, बल्कि जटिलताओं को भी काफी हद तक रोका जा सका है।

समन्वित स्वास्थ्य तंत्र और मोबाइल यूनिट्स की भूमिका

अभियान को सफल बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक मजबूत समन्वय स्थापित किया गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित थीं।

डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल से बढ़ी सुविधा

अभियान के तहत लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) भी तैयार किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में इलाज की निरंतरता बनी रहे। अब बस्तर के सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ रहा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके दरवाजे तक पहुंच रही हैं—यही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।

ख़बरें और भी…मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद…

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