भिलाई इस्पात संयंत्र में संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल, गैस रिसाव जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां परखी गई…

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BHILAI / CHHATTISGARH

राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राहत एजेंसियों ने संयंत्र प्रबंधन के साथ मिलकर किया संयुक्त अभ्यास, आपातकालीन प्रतिक्रिया और समन्वय क्षमता का हुआ परीक्षण
हेडलाइंस
  • भिलाई इस्पात संयंत्र में संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन।
  • राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और अग्निशमन दल ने लिया हिस्सा।
  • कोक ओवन गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति बनाकर चलाया गया राहत एवं बचाव अभियान।
  • समीक्षा बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर दिया गया जोर।

भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स विभाग के सीसीडी-3 (यूनिट-500) में बुधवार को संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, अग्निशमन सेवाओं तथा संयंत्र के विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य कोक ओवन गैस रिसाव जैसी गंभीर औद्योगिक आपात स्थिति में राहत एवं बचाव एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और आपदा प्रबंधन क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण करना था।

गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति में चलाया गया बचाव अभियान

मॉक ड्रिल के दौरान यूनिट-500 के स्क्रबर क्षेत्र में गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। अभ्यास के अनुसार मरम्मत कार्य के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के फैलने से कार्यस्थल पर मौजूद आठ में से सात श्रमिक अचेत हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आपातकाल घोषित कर प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया गया। इसके बाद संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया।

आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ बचाव कार्य किया गया

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन दल ने आधुनिक सेल्फ कंटेन्ड ब्रीदिंग अपरेटस से लैस होकर प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश किया और सभी अचेत श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार केंद्र पहुंचाया। इस दौरान गैस सुरक्षा विभाग, चिकित्सा इकाई, प्लांट कंट्रोल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल तथा पर्यावरण प्रबंधन विभाग ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया। पोर्टेबल गैस डिटेक्टर से गैस स्तर सुरक्षित पाए जाने के बाद ही क्षेत्र को सामान्य संचालन के लिए सुरक्षित घोषित किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर हुई समीक्षा

मॉक ड्रिल के सफल समापन के बाद मानव संसाधन विकास विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सभी सहभागी एजेंसियों के उत्कृष्ट समन्वय, व्यावसायिक दक्षता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास किसी भी औद्योगिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

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