रायपुर / छत्तीसगढ़
शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण और ग्रामीण विकास पर रहेगा विशेष फोकस, अधिकारियों को त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश
हेडलाइंस
- जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा।
- करीब 37 करोड़ रुपये के डीएमएफ फंड के आवंटन और उपयोग पर बनी सहमति।
- आत्मानंद स्कूल, स्मार्ट क्लास, पेयजल, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता।
- बंद खदानों की फेंसिंग, सोलर प्लांट और महिलाओं के लिए मॉडल महतारी सदन बनाने का निर्णय।
रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनहित और आधारभूत विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए करीब 37 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के लिए फंड आवंटन और उनके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। सांसद ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि डीएमएफ की राशि का सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक योजना समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आत्मानंद विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए अतिथि शिक्षकों के वेतन मद में 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। वहीं सरकारी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से 5 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट क्लास रूम तैयार किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत जिले के प्रत्येक विकासखंड में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। साथ ही मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की दवाइयों के लिए 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई।
पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और बंद खदानों पर विशेष ध्यान
ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 8.30 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सांसद ने अधिकारियों को अधूरी पाइपलाइन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए भूमिगत जल रिचार्ज कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए इस मद की राशि 60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बारिश के दौरान हादसों का कारण बन रही परित्यक्त खदानों की फेंसिंग और व्यवस्थित विकास कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
सौर ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर जोर
बैठक में जिले के 348 गांवों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने में सहयोग करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण के लिए मॉडल महतारी सदन का निर्माण किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 48 लाख रुपये का प्रावधान किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए प्रति आंगनबाड़ी 15 लाख रुपये तक खर्च किए जाएंगे। युवाओं के कौशल विकास और आजीविका सृजन के लिए 50 लाख रुपये, जबकि पशुपालन विभाग के माध्यम से पशुओं की दवाइयों की खरीदी के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
जनहित में पारदर्शी उपयोग पर सांसद का जोर
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि डीएमएफ का फंड क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त जनता की अमानत है और इसका प्रत्येक रुपया शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित पर्यावरण तथा बुनियादी सुविधाओं पर ही खर्च होना चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने तथा सभी स्वीकृत योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार विश्वरंजन, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद के नवनियुक्त सदस्यों का स्वागत एवं अभिनंदन भी किया गया।
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