नई दिल्ली / भारत
सरकार और संगठन में एक साथ बदलाव की अटकलें, चुनावी राज्यों पर रहेगा विशेष फोकस
हेडलाइंस
- मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की चर्चा तेज।
- नए चेहरों को सरकार में और कुछ मंत्रियों को संगठन में भेजे जाने की संभावना।
- भाजपा संगठन में भी नई टीम के गठन की तैयारी की चर्चा।
- ‘वन मैन, वन पोस्ट’ सिद्धांत लागू होने की अटकलें।
- सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं।
नई दिल्ली। केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में मानसून सत्र से पहले बड़े स्तर पर मंत्रिपरिषद विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, इस कवायद में कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार और पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सरकार और संगठन में एक साथ हो सकते हैं बदलाव
सूत्रों के मुताबिक मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल के साथ-साथ भाजपा के संगठन में भी नई टीम का गठन किया जा सकता है। चर्चा है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि संगठन में कार्यरत कुछ नेताओं को केंद्र सरकार में अवसर मिल सकता है। पार्टी नेतृत्व युवा चेहरों को आगे लाने और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नई ऊर्जा देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
‘वन मैन, वन पोस्ट’ सिद्धांत पर भी मंथन
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा अपने ‘वन मैन, वन पोस्ट’ सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करने पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो जो नेता वर्तमान में सरकार और संगठन दोनों में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें किसी एक पद का चयन करना पड़ सकता है। इससे संगठन और मंत्रिपरिषद दोनों में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
चुनावी राज्यों को मिल सकता है अधिक प्रतिनिधित्व
सूत्रों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है। इन राज्यों से नए नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने या संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की चर्चा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
शिक्षा मंत्रालय को लेकर भी चर्चाओं का दौर
मीडिया रिपोर्टों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विभाग में संभावित बदलाव को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के आधार पर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा।
जुलाई में हो सकता है अंतिम फैसला
सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र शुरू होने से पहले या जुलाई के दौरान कैबिनेट फेरबदल और संगठनात्मक बदलावों की घोषणा की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक सहमति के बाद ही होगा। फिलहाल सभी चर्चाएं सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं तथा आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
ख़बरें और भी…
स्वतंत्र छत्तीसगढ़ के व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करना न भूलें:
https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG


