स्वतंत्र छत्तीसगढ़
राज्यपाल रमेन डेका ने पश्चिम बंगाल, गोवा और तेलंगाना के स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं, सांस्कृतिक एकता पर दिया जोर
हेडलाइंस
- लोकभवन में मनाया गया पश्चिम बंगाल, गोवा और तेलंगाना का स्थापना दिवस।
- राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल।
- ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत आयोजित हुआ समारोह।
- विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं की दी गई जानकारी।
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को किया गया सम्मानित।
रायपुर। राजधानी स्थित लोकभवन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत पश्चिम बंगाल, गोवा और तेलंगाना राज्यों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस विशेष समारोह में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और उपलब्धियों को साझा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान से मजबूत होती है राष्ट्रीय एकता
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जब हम एक-दूसरे की भाषा, कला, संस्कृति और जीवनशैली को समझते हैं तथा उनसे जुड़ते हैं, तब राष्ट्र की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं को जानना, समझना और उनके बीच संवाद को बढ़ावा देना है।
पश्चिम बंगाल के महापुरुषों के योगदान को किया याद
राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस राज्य ने देश को अनेक महान विभूतियां दी हैं। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी, जबकि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का विश्वभर में प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने ईश्वरचंद्र विद्यासागर के सामाजिक सुधारों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को भी स्मरण किया।
गोवा और तेलंगाना की विशेषताओं पर डाला प्रकाश
राज्यपाल ने कहा कि गोवा क्षेत्रफल की दृष्टि से भले ही देश का सबसे छोटा राज्य हो, लेकिन इसकी सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान विश्व स्तर पर स्थापित है। यहां भारतीय और पुर्तगाली संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। वहीं तेलंगाना के बारे में उन्होंने कहा कि हैदराबाद आज सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी नवाचार का प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है, जिसने देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के गहरे संबंध
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और इन राज्यों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों से सीखते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे से सीखना और मिलकर आगे बढ़ना ही विकसित भारत की मजबूत नींव है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल, गोवा और तेलंगाना के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं पर प्रकाश डाला। विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को यादगार बना दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रतिनिधियों ने भी अपने राज्यों की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले जगदलपुर के ‘ट्री मैन’ सम्पत झा सहित रिनी छाबड़ा, सीमा गुप्ता, ललिता पैकरा और तूलिका पाण्डेय को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने सभी सम्मानित व्यक्तियों के कार्यों की सराहना करते हुए समाज के लिए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
बड़ी संख्या में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और नागरिक
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉक्टर सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा अजय दुबे, लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के रूप में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और विविधता में एकता का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया।
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