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NCP के बाद कहीं अगली बारी JDU की तो नहीं, क्या अब बिहार में बीजेपी करने जा रही खेल ?

रायपुर : 03 जुलाई 2023

कहां शरद पवार विपक्षी एकता की धुरी बन रहे थे। नीतीश कुमार ने तो उन्हें विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व तक का न्यौता दे दिया था। आश्चर्य कि इतने अनुभवी पोलिटिशियन को भनक तक नहीं लगी कि उनकी ही पार्टी एनसीपी (NCP) में भगदड़ मच जाएगी। नीतीश कुमार की जेडीयू (JDU) का भी यही हाल है।

हाइलाइट्स

विपक्षी एकता की कवायद के बीच बिहार में अब तक जेडीयू में टूट होती रही है। करीब दर्जन भर नेता जेडीयू छोड़ कर जा चुके हैं। इस बीच विपक्षी एकता को सबसे बड़ा झटका महाराष्ट्र में लगा है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पार्टी तोड़ दी है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें डेप्युटी सीएम भी बना दिया गया है। अजित पवार ने दावा किया है कि एनसीपी के 40 विधायक उनके साथ हैं। अगर उनके दावे में दम है तो महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव गुट वाली शिवसेना के गठबंधन) के लिए यह बड़ा झटका है। बीजेपी का महाराष्ट्र में आपरेशन लोटस का यह दूसरा पार्ट है। पहले पार्ट में शिवसेना टूटी थी। एकनाथ शिंदे ने शिवसेना विधायकों की बड़ी जमात को लेकर शिवसेना का अलग गुट बना लिया था। फिर बीजेपी के सहयोग से उन्होंने सरकार बनाई। अब एनसीपी से अजित पवार के जाने के बाद शरद पवार को अपनी पार्टी संभालना आसान नहीं होगा।

पहले से संकेत दे रहे थे अजित पवार

अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से पिछले कुछ महीनों से नाराज चल रहे थे। उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात भी की थी। उनकी नाराजगी को देखते हुए शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे का प्रहसन भी किया था। प्रहसन इसलिए कि बाद में एनसीपी समर्थकों के दबाव में उन्होंने इस्तीफा वापस भी ले लिया था। कुछ दिन बाद उन्होंने अपनी बेटी सुप्रिया सूले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। अजित पवार पार्टी के विधायक दल के नेता बने रहे। अजित पवार के बारे में जिन दिनों ये सूचनाएं आ रही थीं कि वे बीजेपी नेताओं से दिल्ली में बात-मुलाकात कर रहे हैं, तभी उन्होंने कहा था कि जल्दी ही कोई बड़ी घटना महाराष्ट्र में होगी। आखिरकार उस बड़ी घटना को उन्होंने रविवार को अंजाम दे दिया।

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