रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाली 170 बसों के परमिट निरस्त करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों पर अंकुश लगाना है।
यह कार्रवाई जुलाई से सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष जांच अभियान के बाद की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि, कार्रवाई से संबंधित विस्तृत आधिकारिक आदेश स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हो सका है।
तीन महीने तक चला जांच अभियान
राज्य शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में यात्री बसों की जांच की। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित प्रमुख मार्गों तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर उड़नदस्ता टीमों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने वाहनों की जांच की। इस दौरान बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD/GPS) और पैनिक बटन की उपलब्धता के साथ उनकी कार्यशीलता भी परखी गई। जांच में कई वाहनों में आवश्यक उपकरण नहीं मिले, जबकि कुछ बसों में उपकरण लगे होने के बावजूद वे काम नहीं कर रहे थे।
जांच में सामने आईं सुरक्षा संबंधी खामियां
प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में परिवहन विभाग की जांच के दौरान निम्नलिखित आंकड़े बताए गए हैं:
- 412 बसों में GPS नहीं मिला।
- 210 बसों में GPS बंद पाया गया।
- 85 बसों के पैनिक बटन खराब मिले।
- 170 बसों के परमिट निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई।
इन खामियों के कारण आपात स्थिति में बस की लोकेशन का पता लगाने और यात्रियों तक समय पर सहायता पहुंचाने में परेशानी हो सकती है।
नोटिस के बाद भी कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक, परिवहन विभाग ने पहले चरण में 300 बस संचालकों को अंतिम नोटिस जारी कर सुरक्षा उपकरणों से संबंधित कमियां दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इनमें से 140 संचालकों द्वारा GPS लगवाकर पोर्टल पर पंजीयन कराने की जानकारी दी गई है। वहीं, नियमों का पालन नहीं करने वाले 170 बस संचालकों के खिलाफ परमिट निरस्त करने की कार्रवाई बताई गई है।
परमिट निरस्त होने के बाद संचालन पर रोक
परिवहन विभाग के अनुसार, निरस्त परमिट के आधार पर संबंधित बसों का संचालन नहीं किया जा सकता। यदि कोई बस संचालक वैध अनुमति के बिना वाहन चलाता पाया जाता है, तो लागू कानूनी प्रावधानों के तहत वाहन जब्त करने और अन्य कार्रवाई की जा सकती है। बिना वैध परमिट बस चलाने पर जुर्माने और दंड का प्रावधान है। हालांकि, किसी विशेष मामले में लागू दंड वाहन की श्रेणी, उल्लंघन और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
महिला यात्रियों की सुरक्षा में पैनिक बटन की अहम भूमिका
बसों में पैनिक बटन का उद्देश्य आपात स्थिति में यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है। विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जाती है। निर्धारित व्यवस्था के तहत पैनिक बटन सक्रिय होने पर आपात सूचना और वाहन की लोकेशन संबंधित नियंत्रण व्यवस्था तक पहुंच सकती है। इसी तरह, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से वाहन की स्थिति की निगरानी करने में मदद मिलती है। इससे बसों के संचालन और परमिट की शर्तों के अनुपालन पर नजर रखने में भी सहायता मिल सकती है।
नियमों का पालन करना बस संचालकों की जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहनों में निर्धारित सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनका सही ढंग से काम करना यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। परिवहन विभाग की यह कार्रवाई बस संचालकों के लिए नियमों के पालन का स्पष्ट संदेश है। हालांकि, कार्रवाई से संबंधित आंकड़ों और परमिट निरस्तीकरण की पूरी सूची की आधिकारिक पुष्टि होने पर ही इसकी विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ख़बरें और भी…
हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ें;https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG फेसबुक से जुड़ें;https://www.facebook.com/profile.php?id=61581539725954 यूट्यूब से जुड़ें; https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509

