रतनपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ने CGPSC भर्ती, बेरोजगारी, महंगाई और खराब सड़कों को लेकर उठाए सवाल, SIR और चुनाव प्रक्रिया पर भी रखी अपनी राय
मुख्य सुर्खियां
- अष्टमी पर रतनपुर के मां महामाया मंदिर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
- CGPSC भर्ती प्रक्रिया और कथित गलत उत्तरों को लेकर सरकार से जांच की मांग
- महंगाई, बेरोजगारी, बिजली कटौती और खराब सड़कों पर साधा निशाना
- किसानों की एग्रीस्टैक और सर्वर संबंधी समस्याओं का भी उठाया मुद्दा
- SIR प्रक्रिया और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई
रतनपुर/बिलासपुर : शारदीय नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों में कथित गड़बड़ियों, बिजली कटौती, महंगाई, बेरोजगारी और खराब सड़कों को लेकर सवाल उठाए।
भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग
भूपेश बघेल ने CGPSC परीक्षा के कथित गलत उत्तरों और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, तो सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद सरकार जांच से पीछे क्यों हट रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने भर्ती में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
महंगाई, बिजली कटौती और सड़कों को लेकर निशाना
बघेल ने बिजली कटौती और बढ़ती कीमतों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने बस किराया, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और राशन की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश की सड़कों की खराब स्थिति पर भी टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री अरुण साव के स्कूटी से गिरकर घायल होने की घटना का उल्लेख करते हुए सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
किसानों की समस्याओं का भी उठाया मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को एग्रीस्टैक से जुड़ी प्रक्रिया और सर्वर संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने की जरूरत बताई। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में ट्रेनों के रद्द होने और भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समस्याओं से आम जनता प्रभावित हो रही है।
राजनीतिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
भूपेश बघेल ने प्रदेश में सत्ता विरोधी माहौल होने का दावा करते हुए कहा कि यदि अभी चुनाव होते हैं, तो सत्ताधारी विधायकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और मंत्रियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। ये उनके राजनीतिक आकलन और आरोप हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के दौरे के संदर्भ में उन्होंने बजरंग दल की गतिविधियों को लेकर भी सवाल किए। वहीं, दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बघेल ने SIR प्रक्रिया रद्द करने, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उनके इन बयानों से प्रदेश की राजनीति में भर्ती प्रक्रिया, महंगाई और चुनाव व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बहस तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और सरकार के पक्ष के आधार पर ही की जा सकती है।
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