बारिश से बचने के लिए पंडाल में उमड़ी भीड़, दबाव बढ़ने से मची अफरा-तफरी; मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
Headlines:
- कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना
- शुरुआती रिपोर्टों में 19 लोगों की मौत और 45 से अधिक के घायल होने की जानकारी
- अस्पताल सूत्रों ने मृतकों की संख्या 20 बताई
- बारिश से बचने के लिए पंडाल में जमा हुई थी बड़ी संख्या में भीड़
- हादसे के बाद प्रवेश बंद, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
- पश्चिम बंगाल सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की गंभीर घटना सामने आई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में 19 लोगों की मौत हुई और 45 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने 20 लोगों की मौत का दावा किया, जबकि शुरुआती रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 19 बताई गई। मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शाम को बारिश शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग उससे बचने के लिए पंडाल के अंदर जमा होने लगे। शाम करीब 7:40 बजे बाहर मौजूद लोगों ने भी अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। इससे भीड़ का दबाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद भगदड़ मच गई। रिपोर्ट में पंडाल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी दी गई है।
हादसे के बाद राहत और बचाव की कोशिशें
घटना के बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ घायलों को स्थानीय लोगों ने अपने हाथों से उठाकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। कोलकाता मेडिकल कॉलेज में कई शव लाए जाने की जानकारी भी सामने आई।
हादसे के बाद शहर के कुछ अन्य दुर्गा पूजा पंडालों को भी बंद किए जाने की खबर है। महासप्तमी के अवसर पर कोलकाता के विभिन्न पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। ऐसे में इस घटना ने त्योहार के दौरान भीड़ प्रबंधन, प्रवेश व्यवस्था और आपातकालीन सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आयोजन समिति से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की खबर
रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की। पंडाल की आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात कुछ लोगों को पुलिस हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी दी गई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजन समिति में देवदीप अधिकारी का नाम भी सामने आया है, जिन्हें रिपोर्ट में मुख्यमंत्री का भतीजा बताया गया है। जोड़ासांको से भाजपा विधायक विजय ओझा को आयोजन समिति का अध्यक्ष बताया गया है। आयोजन से जुड़े इन नामों का उल्लेख मात्र किसी व्यक्ति की घटना में जिम्मेदारी या दोष सिद्ध नहीं करता।
प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। हादसे में प्रभावित लोगों के परिजनों और संबंधित नागरिकों को सहायता के लिए आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।
यह घटना बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ की आवाजाही, नियंत्रित प्रवेश, निकासी मार्गों और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करती है। मृतकों की अंतिम संख्या, हादसे के सटीक कारणों और प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
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