पिपरिया तहसील में न्यायालयीन कार्यों और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही के आरोप, जांच के बाद राजस्व विभाग ने जारी किया आदेश
Headlines:
- तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी तत्काल प्रभाव से निलंबित
- सीएम हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
- कबीरधाम जिले की पिपरिया तहसील में पदस्थ थे अधिकारी
- निलंबन अवधि में कबीरधाम जिला मुख्यालय रहेगा निर्धारित
कवर्धा। छत्तीसगढ़ में शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले की पिपरिया तहसील में पदस्थ तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को निलंबित कर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ न्यायालयीन कार्यों में लापरवाही और शिकायतों के निराकरण में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप सामने आए थे। मामले की जांच के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर दर्ज शिकायतों और उनके निराकरण की समीक्षा के बाद की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की थी। इस दौरान राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में लापरवाही का मुद्दा सामने आया। इसके बाद संबंधित प्रकरण की जांच की गई और तहसीलदार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई।
शासन के आदेश के अनुसार, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी पर शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप थे। जांच में उन्हें दोषी पाए जाने का उल्लेख करते हुए विभाग ने निलंबन का निर्णय लिया। यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और आम नागरिकों की शिकायतों का समय पर निराकरण कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई
जारी आदेश में संबंधित अधिकारी के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन बताया गया है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में कबीरधाम रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार, इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह संदेश दिया गया है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन और नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा और उन पर कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई से आम नागरिकों का सरकारी शिकायत निवारण तंत्र पर भरोसा मजबूत हो सकता है।
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