हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान हुआ विस्फोट, जहरीली गैस के रिसाव से मचा हड़कंप; पांच घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी
भरूच में केमिकल फैक्ट्री में धमाका
रिएक्टर टैंक फटने से बिखरे मशीनों के पुर्जे
उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर भी हादसे के शिकार
प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच
भरूच (गुजरात)। गुजरात के भरूच जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सायखा औद्योगिक क्षेत्र में पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे वागरा तालुका स्थित सिनजील फार्माकेम कंपनी में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान धमाका हुआ, जिसके बाद जहरीली मेथिलीन डाइक्लोराइड गैस का रिसाव शुरू हो गया। घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं जांच से जुड़ी एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।
रिएक्टर टैंक फटने से मशीनरी क्षतिग्रस्त, पांच लोगों की मौत: भरूच की उप-जिलाधिकारी मनीषा मनानी के अनुसार, कंपनी में फार्मास्यूटिकल मध्यवर्ती रसायनों का निर्माण किया जाता है और यह इकाई लगभग एक वर्ष पहले शुरू हुई थी। प्रारंभिक आशंका है कि हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि रिएक्टर टैंक फट गया और मशीनरी के पुर्जे आसपास बिखर गए। पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने पांच मजदूरों की मौत और पांच लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। मृतकों में जयदीप महेशभाई पटेल, भाविक दिलीपकुमार वसावा, वृंद तलाविया, अनिकेत हरिलाल गौतम और अर्जुन कुमार राम सिंह गौतम शामिल हैं। इनमें कुछ मजदूर गुजरात के अलग-अलग क्षेत्रों से, जबकि दो उत्तर प्रदेश से संबंधित बताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश-बिहार के घायल मजदूरों का उपचार जारी, हादसे की जांच शुरू: हादसे में घायल पवन कुमार राम सिंह गौतम, मौसम कुमार रामसेवक यादव, शिवदयाल राम अवतार यादव, प्रतीक प्रवीण प्रजापति और प्रियांशु बहादुरलाल का उपचार चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घायल श्रमिक उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी हैं। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय के अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के बाद मेथिलीन डाइक्लोराइड गैस का रिसाव हुआ। घटना की सूचना मिलते ही गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, औद्योगिक सुरक्षा विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। अब जांच का मुख्य विषय यह है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, गैस रिसाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए और फैक्ट्री में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और संभावित जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

