रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के बीच वैकल्पिक समझौता हो रहा समाप्त, रोजाना 66 बसों से सफर करने वाले कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था की चिंता
हेडलाइंस
- मंत्रालय और सरकारी कार्यालयों तक जाने वाली सिटी बस सेवा पर संकट।
- 31 अक्टूबर को बस संचालन का वैकल्पिक समझौता खत्म होने की जानकारी।
- प्रतिदिन करीब 3500 कर्मचारी 66 बसों से करते हैं आवागमन।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के बीच संचालित सिटी बस सेवा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए इन बसों पर निर्भर कर्मचारियों को अब आवागमन की चिंता सताने लगी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बस संचालन के लिए रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के बीच हुआ वैकल्पिक समझौता 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो जाएगा। यदि समय रहते नया समझौता या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनती है, तो कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
31 अक्टूबर को खत्म होगा वैकल्पिक समझौता
जानकारी के मुताबिक, दोनों संस्थाओं के बीच बस संचालन के लिए किया गया वैकल्पिक समझौता अक्टूबर के अंतिम दिन समाप्त हो रहा है। इसके बाद बस सेवा जारी रहेगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। खबर के अनुसार, पंजीयन विभाग की ओर से कर्मचारियों को आवागमन के लिए स्वयं व्यवस्था करने संबंधी पत्र भी जारी किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों की नजर संबंधित विभागों और परिवहन प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी है।
66 बसों से रोजाना सफर करते हैं 3500 कर्मचारी
मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन लगभग 3500 कर्मचारी सिटी बस सेवा का उपयोग करते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस आवागमन व्यवस्था में कुल 66 बसें संचालित होती हैं। इन बसों के बंद होने की स्थिति में कर्मचारियों को निजी वाहनों, साझा परिवहन या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे उनके यात्रा खर्च और कार्यालय पहुंचने में लगने वाले समय पर असर पड़ने की आशंका है।
कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार
सिटी बस सेवा बंद होने की आशंका से कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि नियमित बस सेवा उनके लिए सुविधाजनक और अपेक्षाकृत किफायती साधन है। सेवा बंद होने पर खासकर दूर से आने वाले कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए अतिरिक्त योजना बनानी पड़ेगी। अब देखना होगा कि संबंधित निकाय समझौते को आगे बढ़ाते हैं या कर्मचारियों के लिए कोई दूसरी परिवहन व्यवस्था तैयार की जाती है। फिलहाल बस सेवा बंद होने की अंतिम पुष्टि और आगे की व्यवस्था को लेकर आधिकारिक निर्णय की प्रतीक्षा है।

