भूजल के अत्यधिक उपयोग पर सख्ती, 16, 18 और 20 अक्टूबर को होंगे अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले; उपचारित पानी के इस्तेमाल पर भी जोर
हेडलाइंस
- रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को तीन महिला क्रिकेट मैचों की अनुमति
- एनजीटी ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पास 20 लाख रुपये जमा कराने की शर्त रखी
- मैदान के रखरखाव में भूजल की जगह एसटीपी के उपचारित पानी को प्राथमिकता देने के निर्देश
- भूजल पुनर्भरण की योजना तैयार कर अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करनी होगी
- मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को होगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को होने वाले तीन मुकाबलों के लिए सशर्त अनुमति दे दी है। हालांकि, अधिकरण ने भूजल संरक्षण को लेकर सख्ती बरतते हुए स्टेडियम प्रबंधन को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पास 20 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है।
एनजीटी ने यह फैसला अपने उस पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए दिया है, जिसमें 2 जुलाई 2026 को रायपुर सहित तीन स्टेडियमों में उसकी अनुमति के बिना खेल गतिविधियां आयोजित करने पर रोक लगाई गई थी। रायपुर स्टेडियम में मैदान के रखरखाव के लिए भूजल के इस्तेमाल और पर्यावरणीय निर्देशों के अनुपालन को लेकर सवाल उठे थे। आगामी महिला अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को देखते हुए स्टेडियम प्रबंधन ने आयोजन की अनुमति मांगी थी।
अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, रायपुर स्टेडियम में मैदान के रखरखाव के लिए प्रतिदिन लगभग 828 किलोलीटर भूजल का उपयोग किया जा रहा था। स्टेडियम में 150 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता वाला सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) होने की जानकारी दी गई, लेकिन इससे प्रतिदिन कितना उपचारित पानी तैयार होता है और मैदान में उसका कितना उपयोग किया जा रहा है, इसका पर्याप्त विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया था। एनजीटी ने भूजल को बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन बताते हुए उसके विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया।
अधिकरण ने निर्देश दिया है कि जमा की जाने वाली 20 लाख रुपये की राशि का उपयोग क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की योजना तैयार करने के लिए किया जाए। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को यह योजना अगली सुनवाई से पहले एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही, स्टेडियम प्रबंधन को मैदान के रखरखाव में भूजल के स्थान पर एसटीपी से उपचारित पानी के इस्तेमाल के लिए हरसंभव प्रयास करने और इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
एनजीटी का यह आदेश खेल आयोजनों के साथ जल संरक्षण की जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है। रायपुर में प्रस्तावित महिला क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन की अनुमति मिलने से खेल प्रेमियों को राहत मिली है, लेकिन आगे स्टेडियम में पानी के उपयोग और पर्यावरणीय नियमों के पालन पर निगरानी बनी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।

