वजीरपुर में फायरिंग के मामले की जांच के बाद पुलिस ने दो युवकों को पकड़ा, दोनों पर लॉरेंस बिश्नोई और राशिद केबल वाला गिरोह से जुड़े होने का संदेह
हेडलाइंस
- वजीरपुर इलाके में एक मकान पर फायरिंग के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
- घटना में करीब पांच राउंड गोली चलने की जानकारी
- तकनीकी और मानव खुफिया के आधार पर दो संदिग्धों तक पहुंची पुलिस
- पुलिस के मुताबिक रोकने के बावजूद दोनों युवकों ने भागने की कोशिश की
- पुलिस कार्रवाई के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी
- दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की
नई दिल्ली। दिल्ली के वजीरपुर इलाके में एक मकान पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और राशिद केबल वाला गिरोह से जुड़े होने के संदेह में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। घटना के बाद दोनों को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त राहुल आलवाल के मुताबिक, 2 अक्टूबर की तड़के वजीरपुर इलाके में एक व्यक्ति के घर पर फायरिंग की सूचना मिली थी। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर करीब पांच राउंड फायरिंग हुई थी।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी निगरानी के साथ मानव खुफिया तंत्र का भी इस्तेमाल किया। जांच में दो युवकों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों रात के समय इलाके में किसी अन्य व्यक्ति से मिलने पहुंचे थे।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने दोनों को अपनी पहचान बताते हुए रुकने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की। इसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई में दोनों संदिग्धों के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है और वजीरपुर में हुई फायरिंग की घटना से उनके संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग के पीछे क्या उद्देश्य था और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।

