52 पदों पर ही हो सकी नियुक्ति, शिक्षण के साथ PhD शोध कार्य भी प्रभावित; दूसरे चरण की भर्ती प्रक्रिया में धीमी रफ्तार
हेडलाइंस
- पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों की कमी बनी चुनौती
- 111 स्वीकृत भर्ती पदों में अब तक 52 पर ही नियुक्ति
- पहले चरण के 60 में से 40 पद भरे गए
- दूसरे चरण के 51 पदों में सिर्फ 12 पर हुई भर्ती
- 40 प्रतिशत से अधिक पद अब भी खाली
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) में प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। विश्वविद्यालय में कुल 111 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब तक केवल 52 पदों पर नियुक्तियां हो पाई हैं। बड़ी संख्या में पद खाली रहने के कारण शिक्षण व्यवस्था के साथ-साथ शोध कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई है।
पहले चरण में 60 में से 40 पद भरे
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 111 पदों की भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा था। पहले चरण में 60 पदों के लिए भर्ती निकाली गई, जिसमें अब तक 40 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है। वहीं दूसरे चरण में 51 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन इसमें अभी तक केवल 12 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है।
दूसरे चरण की भर्ती में धीमी रफ्तार
दोनों चरणों को मिलाकर 111 पदों में से 52 पद ही भर पाए हैं। इस हिसाब से 59 पदों पर नियुक्ति अभी बाकी है, जबकि विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों के 40 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं। लंबे समय से पद खाली रहने का असर नियमित कक्षाओं, विद्यार्थियों के अकादमिक मार्गदर्शन और PhD शोध कार्य पर पड़ने की बात कही जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया में देरी से उठ रहे सवाल
तीन वर्ष से चल रही भर्ती प्रक्रिया के अब तक पूरा नहीं होने से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चयन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरणों से पहले कुलपति के अवकाश पर जाने की स्थिति भी सामने आई है। ऐसे में शेष पदों पर भर्ती कब तक पूरी होगी और विद्यार्थियों को पर्याप्त प्राध्यापक कब मिलेंगे, यह महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।

