Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में जिला शिक्षा अधिकारियों पर गिरी गाज! अक्टूबर की सैलरी रोकने की तैयारी, 3 दिन में मांगा जवाब…

स्कूल भवनों की जानकारी नहीं देने पर लोक शिक्षण संचालनालय सख्त, समयसीमा में जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई की चेतावनी
हेडलाइंस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों के भवनों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्ती दिखाई है। संचालनालय ने बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में निर्धारित समयसीमा के भीतर जानकारी नहीं देने को सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

स्कूल भवनों की जानकारी मांगी गई थी

लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 7 सितंबर को पत्र जारी कर प्रदेश के स्कूलों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसमें विशेष रूप से ऐसे स्कूलों का विवरण मांगा गया था, जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है अथवा जिनके वर्तमान भवन में मरम्मत की आवश्यकता है। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था।

निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी बलौदाबाजार और बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों को छोड़कर अन्य जिलों से अपेक्षित जानकारी नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने दोबारा नोटिस जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

तीन दिन में जवाब नहीं दिया तो कार्रवाई

नए नोटिस में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल भवनों से जुड़ी मांगी गई जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी स्कूलों की अधोसंरचना से संबंधित होने के कारण आवश्यक है और इसे समय पर उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

नोटिस के अनुसार निर्धारित समय में जवाब नहीं देने अथवा प्रस्तुत किया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत अक्टूबर माह का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने की जानकारी दी गई है।

स्कूल भवनों की स्थिति पर शासन का फोकस

स्कूलों के पास स्वयं का भवन नहीं होना या भवनों में मरम्मत की आवश्यकता होना सीधे तौर पर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक अधोसंरचना से जुड़ा विषय है। ऐसे में संचालनालय द्वारा जिलों से मांगी गई जानकारी के आधार पर स्कूल भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकता है। फिलहाल संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। इसके बाद प्राप्त जवाब और जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

खबरें और भी…

Exit mobile version