मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगीं, आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार; मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की
हेडलाइंस
- छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ रही मानसून की गतिविधियां
- 29 सितंबर को एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
- आज के लिए मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की
- अगले 4 से 5 दिनों में प्रदेश के अनेक हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के संकेत
- पेंड्रा रोड में सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज
छत्तीसगढ़ में अब मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन इस दिन के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग के 28 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले चार से पांच दिनों में प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। सरगुजा और बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान दुर्ग में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भी एक-दो स्थानों पर इसी तरह की बारिश हो सकती है। इन तीनों दिनों के लिए मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है।
इसके बाद 2 से 4 अक्टूबर के दौरान भी प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, इन दिनों के लिए भी फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। यानी प्रदेश में व्यापक या तेज बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं।
क्यों कमजोर पड़ रहा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही बिहार से झारखंड और ओडिशा होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी उत्तर-दक्षिण द्रोणिका भी कमजोर पड़ गई है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।
हालांकि, स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रह सकती है। ऐसे में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त होने से पहले कुछ स्थानों पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

