स्वतंत्र छत्तीसगढ़
कांकेर जिले में दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का होगा निर्माण, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृत
हेडलाइंस:
- दूध नदी पर पुल और पहुंच मार्ग के लिए 16 करोड़ 14 लाख 71 हजार रुपए स्वीकृत
- कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल
- निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश
- गुणवत्ता में कमी मिलने पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई
कांकेर। कांकेर जिले में दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राज्य शासन ने कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के लिए 16 करोड़ 14 लाख 71 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। पुल के निर्माण से संबंधित क्षेत्र में आवागमन और सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूध नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल
स्वीकृत राशि से दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल के साथ पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। यह निर्माण कोदाभाठ-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर प्रस्तावित है। क्षेत्र में नदी के कारण आवागमन से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए पुल निर्माण को सड़क संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद जारी हुआ पत्र
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति का पत्र जारी कर दिया है। यह पत्र लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को भेजा गया है। शासन ने निर्माण कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना होगा काम
लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को निर्देशित किया है कि निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। विभाग ने अनावश्यक रूप से समय-सीमा बढ़ाने से भी बचने को कहा है। केवल अपरिहार्य और नियंत्रण से बाहर माने जाने वाले कारणों की स्थिति में सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।
निर्माण की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री और पूरे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। शासन के निर्देश के अनुसार यदि किसी भी स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निविदा प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने तथा निर्माण के प्राक्कलन और कार्य निष्पादन में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

