स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर: सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिलने के बाद एएसआई संतोष यादव ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। पहचान नहीं होने के बावजूद पुलिस ने शव की गरिमा और अंतिम सम्मान का ध्यान रखा। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में शव को विधि-विधान के अनुसार दफनाया गया। इस दौरान अन्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे। एएसआई की इस पहल ने पुलिस की कानून-व्यवस्था से आगे मानवीय जिम्मेदारी निभाने वाली भूमिका को सामने रखा।
लावारिस शव मिलने के बाद उसकी पहचान कराने की प्रक्रिया के बीच अंतिम सम्मान की व्यवस्था करना भी पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसी क्रम में एएसआई संतोष यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने में भूमिका निभाई। पहचान नहीं होने के बावजूद शव के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया गया। इस घटना ने यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की पहचान भले ही सामने न आ पाए, लेकिन उसके अंतिम सम्मान और गरिमा का महत्व कम नहीं होता। पुलिस की इस मानवीय पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
एएसआई संतोष यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान भले ही न हो, लेकिन उसे अंतिम सम्मान और गरिमा मिलना जरूरी है। उनका यह कदम पुलिस सेवा के मानवीय पक्ष को उजागर करता है। आमतौर पर पुलिस की जिम्मेदारियों में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण प्रमुख माने जाते हैं, लेकिन जरूरत के समय संवेदनशीलता के साथ लोगों की सहायता करना भी सेवा का हिस्सा है। लावारिस शव के अंतिम संस्कार में निभाई गई भूमिका इसी मानवीय सोच को दर्शाती है। घटना ने समाज में इंसानियत, संवेदनशीलता और हर व्यक्ति के सम्मान की भावना का संदेश दिया है।

