Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

NIT रायपुर में जापान के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत, तीन दिवसीय शैक्षणिक-सांस्कृतिक आदान-प्रदान शुरू…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़

एहिमे विश्वविद्यालय मात्सुयामा के प्रतिनिधिमंडल ने लिया भारत-जापान की संस्कृति और शिक्षा को करीब से समझने का संकल्प, छात्रों के लिए होंगे कई शैक्षणिक कार्यक्रम |

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में एहिमे विश्वविद्यालय, मात्सुयामा, जापान के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का 12 सितंबर को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रतिनिधिमंडल 12 से 14 सितंबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय शैक्षणिक, शिक्षण एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचा है। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर संस्थान के प्रतिनिधियों ने जापानी मेहमानों का स्वागत किया। कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए एनआईटी रायपुर में विशेष स्वागत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य भारत और जापान के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों की संस्कृति, परंपराओं और आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संवाद के माध्यम से दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों और आपसी समझ को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम में निदेशक प्रभारी डॉ. समीर बाजपेयी, एहिमे विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रतिनिधिमंडल प्रमुख डॉ. अकीरा यामानाका, कॉरपोरेट रिलेशन एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन के डीन डॉ. एस. सान्याल, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट के डीन डॉ. जी.डी. रामटेककर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मनोज कुमार चोपकर तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष और कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया सहित फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे। डॉ. समीर बाजपेयी ने जापानी भाषा में मेहमानों का स्वागत करते हुए भारत-जापान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते राजनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध भी रहे हैं। उन्होंने बौद्ध धर्म और भारतीय बौद्ध भिक्षु बोधिसेन के जापान से ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख किया। वहीं, डॉ. अकीरा यामानाका ने भारत आने और विद्यार्थियों तथा संस्थान के साथ समय बिताने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से उन्हें भारत की संस्कृति और लोगों को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम के दौरान भारत और जापान की कला एवं संस्कृति को दर्शाती विभिन्न प्रस्तुतियां दी गईं। एनआईटी रायपुर के रागा म्यूजिक क्लब और नृत्यम क्लब ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रागा क्लब के सदस्य ने सितार पर ‘पधारो म्हारे देश’ की प्रस्तुति दी, जबकि नृत्यम क्लब ने भरतनाट्यम की सुंदर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद एहिमे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी गीत प्रस्तुत किया, जिसने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत किया। कार्यक्रम के आगामी चरण में प्रतिनिधिमंडल के लिए संस्थान के साइंस प्रोग्राम, विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों की प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम तथा रायपुर एवं आसपास के शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों के भ्रमण का आयोजन किया जाएगा।

ख़बरें और भी…

Exit mobile version