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गरियाबंद में नदी पर बन रहा अधुरा पुल बना परेशानी की वजह, ग्रामीण और स्कूली बच्चे जोखिम उठाकर कर रहे नदी पार…

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पुल निर्माण के दौरान बनाई गई अस्थायी सीढ़ी से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता, दिसंबर 2026 तक काम पूरा करने का निर्देश
हेडलाइंस:

गरियाबंद। जिले के देहारगूड़ा के आश्रित ग्राम खामभाठा को मुख्यालय से जोड़ने के लिए पैरी नदी पर कराया जा रहा पुल निर्माण अब ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनता दिखाई दे रहा है। निर्माणाधीन पुल को पार करने के लिए बनाई गई अस्थायी व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। स्थिति यह है कि कई ग्रामीण और स्कूली बच्चे पुल के ऊपर से गुजरने के बजाय नदी के नीचे से रास्ता तय कर रहे हैं।

अस्थायी सीढ़ी को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों की परेशानी सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग की सेतु शाखा के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया गया कि अधिकारियों ने लोहे की छड़ से बनी सीढ़ी और प्लाई को हटाकर पुराने सेंट्रिंग प्लेट का इस्तेमाल करते हुए नई सीढ़ी तैयार कराई। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि इस बदलाव के बाद भी उनकी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई है। उनका मानना है कि अस्थायी रास्ते से गुजरते समय विशेषकर बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है।

बच्चों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता

पुल निर्माण के चलते प्रभावित आवागमन का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। रोजाना आवागमन करने वाले बच्चों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, पुल के ऊपर से आवाजाही जोखिमपूर्ण महसूस होने के कारण लोग नदी के नीचे से रास्ता तय करने को मजबूर हैं। बरसात या नदी में पानी बढ़ने की स्थिति में यह वैकल्पिक रास्ता और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

समय पर निर्माण पूरा करने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण जल्द पूरा होना जरूरी है, ताकि उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े। खासकर बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था उनकी प्राथमिक चिंता है। ग्रामीण चाहते हैं कि निर्माणाधीन पुल पर आवाजाही के लिए ऐसी अस्थायी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे निर्माण पूरा होने तक किसी तरह की दुर्घटना की आशंका कम हो।

दिसंबर तक काम पूरा करने का निर्देश

बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने पुल निर्माण को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल मौखिक निर्देश देने के बजाय निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए तय समय सीमा में काम पूरा कराया जाए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएंगे।

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