स्वतंत्र छत्तीसगढ़
प्रमुख बिंदु
- एसईसीएल डीएवी गेवरा के शिक्षकों को मिले 12 द्रोणाचार्य पुरस्कार
- राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षकों के योगदान और समर्पण की सराहना की
- शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रशासन, नवाचार और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में मिली पहचान
बिलासपुर। एसईसीएल डीएवी विद्यालय, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह’ में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित डीएवी विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षा, समर्पण एवं सेवाभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है। इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक से प्राप्त संस्कार और सीख का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के माध्यम से ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
डीएवी पब्लिक स्कूल, एसईसीएल गेवरा के लिए यह समारोह विशेष उपलब्धियों से भरा रहा। विद्यालय के शिक्षकों ने अलग-अलग श्रेणियों में कुल 12 द्रोणाचार्य पुरस्कार हासिल किए। द्रोणाचार्य उभरते विद्यालय पुरस्कार श्री टी. प्रभाकर राव को प्रदान किया गया। द्रोणाचार्य शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार और 12वीं बोर्ड संस्कृत में शत-प्रतिशत अंक उत्कृष्टता पुरस्कार श्रीमती प्रीति वर्णवाल को मिला। द्रोणाचार्य श्रेष्ठ प्रशासन पुरस्कार से श्री श्रीधर श्रीवास को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा 10वीं बोर्ड गणित में शत-प्रतिशत अंक उत्कृष्टता पुरस्कार श्री राजेश पांडे तथा 10वीं बोर्ड सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में शत-प्रतिशत अंक उत्कृष्टता पुरस्कार श्री श्रीकांत रौपल्ली को प्रदान किया गया। द्रोणाचार्य श्रेष्ठ आर्यन पुरस्कार श्रीमती सागरिका पांडा, नवाचार एवं रचनात्मकता पुरस्कार श्री सुबोध कुमार सिन्हा और कक्षा-संस्कृति पुरस्कार श्रीमती सुल्ताना सिद्दीकी को मिला। उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार श्रीमती मनप्रीत कौर तथा पाठ्येतर गतिविधि उत्कृष्टता पुरस्कार श्रीमती पी.एस. अमृता अय्यर को प्रदान किया गया।
द्रोणाचार्य विकास पुरस्कार श्री सुरेश बरेठ को मिला। डीएवी गेवरा के शिक्षकों को विभिन्न क्षेत्रों में मिले इन सम्मानों से विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल रहा। पुरस्कारों ने शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता, प्रशासनिक क्षमता, नवाचार, रचनात्मकता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को पहचान दी। समारोह में मिले ये सम्मान विद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ-साथ अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का अवसर बने।
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