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दही हांडी हमें एकता और टीम भावना की शक्ति का संदेश देती है : मुख्यमंत्री साय…

प्रमुख बातें:
• मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल हुए।
• मुख्यमंत्री ने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साह बढ़ाया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
• दही हांडी को मुख्यमंत्री ने एकता, सहयोग और सामूहिक प्रयास का प्रतीक बताया।
• श्रीरामलला दर्शन योजना से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे।
• भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सव स्थल कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर रहा।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साहवर्धन किया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ समाज को एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास और एकजुटता का सुंदर प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले लक्ष्य हासिल नहीं करता, बल्कि उसके साथियों का विश्वास और सहयोग उसे ऊंचाई तक पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि यही सामूहिकता प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मित्र, नेतृत्वकर्ता और सारथी के रूप में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं और हर परिस्थिति में कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश भगवान श्रीराम से जुड़ी अनेक स्मृतियों की भूमि है। राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण और श्रद्धालुओं को तीर्थस्थलों से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्याधाम पहुंचकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत भी 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा कराई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने गौवंश संरक्षण के लिए सुरभि गोधाम योजना का भी जिक्र किया। उत्सव में गोविंदाओं ने उत्साह के साथ दही हांडी प्रतियोगिता में भाग लिया, जबकि भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और गायक बी प्राक की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। आयोजन में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति रही।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा एवं श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष श्रीमती मीनल चौबे, श्रीमती वीणा सिंह, श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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