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ट्रैक्टर से सुकमा पहुंचे ग्रामीण, दो दिन बाद बाइक से गांव पहुंचा प्रशासन; मेटागुड़ा में जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं…

प्रमुख बातें:
• कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने मेटागुड़ा पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
• मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी और आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को तत्काल स्वीकृति मिली।
• सिंचाई, तालाब, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई आगे बढ़ी।
• ग्रामीणों के दस्तावेज संबंधी कार्यों के लिए सोमवार को गांव में विशेष शिविर लगाया जाएगा।

सुकमा। ग्रामीणों की समस्याओं को गांव में ही सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। मेटागुड़ा के ग्रामीण दो दिन पहले स्कूल और आंगनबाड़ी भवन सहित अन्य मांगों को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय सुकमा पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बाद कलेक्टर अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर सहित प्रशासनिक अमला शुक्रवार को किस्ताराम से करीब 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंचा। कलेक्टर और सीईओ बाइक से गांव पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

गांव में अधिकारियों ने पेड़ की छांव में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। कलेक्टर अमित कुमार ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की बात सुनी और उनकी मांगों की जानकारी ली। इस दौरान मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन तथा आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए तत्काल स्वीकृति आदेश जारी किए गए। ग्रामीणों ने गांव में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं, जिन पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सिंचाई और रोजगार से जुड़ी मांगों पर भी पहल: ग्रामीणों की सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए गांव में नहर विकास कार्य के साथ वीबी-जी रामजी के अंतर्गत तालाब निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से सिंचाई सुविधा में विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं मेटागुड़ा में बिजली सुविधा पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों ने करीब दो माह में विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सड़क निर्माण की मांग पर डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई।

ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों से जोड़ने के लिए सोमवार को मेटागुड़ा में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से संबंधित कार्य किए जाएंगे। प्रशासन के गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुनने और मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया। इस पहल से दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय तक बार-बार आने की आवश्यकता कम होने और सरकारी सेवाओं की पहुंच गांव तक मजबूत होने की उम्मीद है।

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