स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर, छत्तीसगढ़।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के हाई अलर्ट के बीच रायपुर और नागपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के साथ कार्रवाई करते हुए हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है। गुरुवार को ट्रेन के बी-12 कोच में तलाशी के दौरान 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद की गई। जब्त सोने की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में महाराष्ट्र के दो आरोपियों सुरेश कुमार और धैर्यशील को गिरफ्तार किया गया है।
हेड लाइंस
हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के बी-12 कोच से 1.242 किलो विदेशी सोना जब्त
7 सोने के बिस्किट और एक छड़ बरामद, कीमत करीब 2 करोड़ रुपये
रायपुर-नागपुर आरपीएफ क्राइम ब्रांच और DRI की संयुक्त कार्रवाई
महाराष्ट्र के दो आरोपी गिरफ्तार, तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
छत्तीसगढ़ में अब तक 37 किलो सोना और 5 हजार किलो से अधिक चांदी की जब्ती का दावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के बी-12 कोच की तलाशी ली। तलाशी में 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई। कुल जब्त सोने का वजन 1.242 किलोग्राम बताया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सोना विदेशी है। मामले में महाराष्ट्र निवासी सुरेश कुमार और धैर्यशील को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां अब सोने की सप्लाई, डिलीवरी नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं।
छत्तीसगढ़ में पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं विदेशी सोने की खेप: यह छत्तीसगढ़ में विदेशी सोने की तस्करी का पहला मामला नहीं है। वर्ष 2016 में रायपुर में DRI का जोनल कार्यालय शुरू होने के बाद से लगातार तस्करी के मामलों पर कार्रवाई की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में अब तक करीब 37 किलोग्राम सोना और 5 हजार किलोग्राम से अधिक चांदी जब्त की जा चुकी है। तस्करों द्वारा सोना छिपाने के लिए बेल्ट, बैग, टिफिन और अन्य सामानों का इस्तेमाल किए जाने के मामले भी सामने आए हैं।
पिछले 6 वर्षों में 25 से अधिक तस्कर गिरफ्तार: DRI के आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों के दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े सोना तस्करी के मामलों में 25 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद तस्करी के नए तरीके और नेटवर्क सामने आते रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार गिरोह अक्सर माल को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं, जिससे पकड़े जाने पर पूरे नेटवर्क को एक साथ नुकसान न हो।
बांग्लादेश-म्यांमार से कोलकाता पहुंचने के बाद आगे सप्लाई का शक: जांच एजेंसियों के अनुसार तस्करी के सोने को बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते कोलकाता तक पहुंचाए जाने के बाद सड़क और रेल मार्ग से देश के अन्य हिस्सों में भेजे जाने की जानकारी पूर्व की जांचों में सामने आई है। छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव को इस नेटवर्क के महत्वपूर्ण ट्रांजिट या सप्लाई केंद्रों के रूप में देखा गया है। यहां से सोना मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक पहुंचाए जाने की जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है।
सरगना से लेकर पैडलर और स्थानीय खरीदार तक सक्रिय नेटवर्क: तस्करी के नेटवर्क में कई स्तरों पर लोगों के शामिल होने की बात जांच में सामने आई है। इसमें सरगना, सप्लायर, माल पहुंचाने वाले पैडलर और स्थानीय खरीदार शामिल हो सकते हैं। पैडलर का मुख्य काम एक स्थान से दूसरे स्थान तक खेप पहुंचाना होता है। गिरोह के सदस्य अक्सर माल को छोटे हिस्सों में बांटते हैं और अलग-अलग व्यक्तियों के माध्यम से परिवहन कराते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने और किसी एक कार्रवाई में पूरे माल के पकड़े जाने का जोखिम कम करने की कोशिश की जाती है।
बेल्ट, बैग और टिफिन से लेकर कपड़ों तक अपनाए गए तरीके: तस्करों द्वारा जांच एजेंसियों से बचने के लिए समय-समय पर अलग-अलग तरीके अपनाए गए हैं। पूर्व के मामलों में सोने को बेल्ट, बैग, तकिए, टिफिन, कमरबंद और कपड़ों के भीतर छिपाकर ले जाने की जानकारी सामने आई है। रेल और सड़क मार्ग का सबसे अधिक इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां यात्रियों, माल और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं।
राजस्व को नुकसान और सूचना देने वालों के लिए इनाम का प्रावधान: विशेषज्ञों के अनुसार सोने की तस्करी से सरकार को सीमा शुल्क और अन्य करों के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान होता है। बिना वैध दस्तावेज और बिल के तस्करी का सोना बाजार में पहुंचने से वैध कारोबार भी प्रभावित होता है। DRI ने सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए तस्करी से जुड़ी सटीक जानकारी देने वालों के लिए जब्त माल के मूल्य का 20 प्रतिशत तक इनाम देने का प्रावधान रखा है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था भी है।
ED की कार्रवाई और जांच भी जारी: सोना तस्करी से जुड़े मामलों में DRI के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी छत्तीसगढ़ के कुछ कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के दौरान दुबई से जुड़े बड़े सोना तस्करी नेटवर्क और छत्तीसगढ़ में उसके कथित वितरण से संबंधित इनपुट सामने आने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ED ने इस मामले में संबंधित कारोबारियों की करीब 64 करोड़ 14 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त या अटैच की हैं। मामले में विभिन्न एजेंसियों की जांच और कार्रवाई जारी है।
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