नई दिल्ली
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 67 जवानों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वर्ष 2024 में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में अदम्य साहस का परिचय देने वाले बीएसएफ की 94वीं बटालियन के 20 जवानों को वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
हेड लाइंस
कांकेर में 2024 के नक्सल विरोधी अभियान के लिए बीएसएफ के 20 जवानों को वीरता पदक
बीनागुंडा और कल्पर गांव के पास बीएसएफ व डीआरजी ने संयुक्त रूप से चलाया था ऑपरेशन
अभियान में 29 नक्सली मारे गए थे, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद हुआ था बरामद
बीएसएफ के 67 कर्मियों को वीरता और विभिन्न सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा
कांकेर ऑपरेशन में दिखाया अदम्य साहस: बीएसएफ के अनुसार, कांकेर जिले में 15 और 16 अप्रैल 2024 को नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया था। इस ऑपरेशन को बीएसएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) ने संयुक्त रूप से बीनागुंडा और कल्पर गांवों के पास अंजाम दिया था। अभियान के दौरान 29 नक्सली मारे गए थे और मौके से भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया गया था।
94वीं बटालियन के जवान होंगे सम्मानित: बीएसएफ के बयान के मुताबिक, 94वीं बटालियन के 20 जवानों को सावधानीपूर्वक योजना बनाकर चलाए गए इस नक्सल विरोधी अभियान में असाधारण बहादुरी के लिए वीरता पदक प्रदान किए जाएंगे। सम्मान पाने वालों में निरीक्षक रमेश चंद्र चौधरी, उपनिरीक्षक आलोक कुमार, हेड कांस्टेबल काना राम यादव सहित कांस्टेबल विलायत अली, मोहम्मद अली, गोलाम एहसानुज्जमां, रजत सिंह, हाशिमुद्दीन एसके, श्रवण मेघवाल और अन्य जवान शामिल हैं।
अन्य अधिकारियों को भी मिलेगा सम्मान: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीएसएफ के कुल 67 कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में पदक देने की घोषणा की गई है। इनमें पांच अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 42 अन्य कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए जाएंगे। बल के सेवानिवृत्त महानिरीक्षक एम.एल. गर्ग और सी.डी. अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों को भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा।
सीमा सुरक्षा के साथ नक्सल मोर्चे पर भी भूमिका: लगभग 2.70 लाख कर्मियों वाली बीएसएफ मुख्य रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगने वाली भारत की सीमाओं की सुरक्षा करती है। इसके साथ ही बल देश के आंतरिक सुरक्षा अभियानों और नक्सल विरोधी ऑपरेशनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह सम्मान जवानों के साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
खबरें और भी…

