रायपुर, छत्तीसगढ़। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने रायपुर क्षेत्र में चल रहे सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में निर्माणाधीन कार्यों, स्वीकृत परियोजनाओं, निविदा प्रक्रिया, प्रशासनिक स्वीकृति, ठेकेदारों के कार्यों और सड़क रखरखाव समेत विभिन्न विभागीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
हेड लाइंस
PWD सचिव ने रायपुर क्षेत्र के सड़क और भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की
निर्धारित समय में काम पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश
लापरवाही व घटिया काम करने वाले ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और मासिक समीक्षा के निर्देश
मानसून में सड़कों के गड्ढों और खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत होगी
निर्माण कार्यों की प्रगति पर हुई समीक्षा: बैठक में PWD सचिव मुकेश कुमार बंसल ने रायपुर क्षेत्र के विभिन्न सड़क और भवन निर्माण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 2024-25 तक स्वीकृत योजनाओं और मार्च 2027 तक निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। सचिव ने कहा कि प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी निर्माण कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाए जाएं।
ठेकेदारों की होगी नियमित निगरानी: सचिव ने स्वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति पर नियमित अपडेट लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के कार्यों की मासिक समीक्षा की जाए और भुगतान प्रक्रिया को भी नियमानुसार समयबद्ध रखा जाए। मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति पर निगरानी रखने को कहा गया है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
घटिया काम पर ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी: बैठक में स्पष्ट किया गया कि समय पर काम पूरा नहीं करने वाले अथवा घटिया गुणवत्ता का निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य की निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की जांच केवल दस्तावेजों के आधार पर न हो, बल्कि नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया जाए।
साइट निरीक्षण के बाद ही बनेगा प्राक्कलन: विभागीय अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि किसी भी परियोजना का लागत अनुमान तैयार करने से पहले निर्माण स्थल का भौतिक निरीक्षण किया जाए। वास्तविक परिस्थितियों और साइट की आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद ही प्राक्कलन तैयार होगा। साथ ही अधिकारियों को ठेकेदारों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि तकनीकी या अन्य समस्याओं के कारण परियोजनाओं में देरी न हो।
PWD-IMS में दर्ज होगी परियोजनाओं की जानकारी: बैठक में विभागीय परियोजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विभागीय कार्यों का आवश्यक विवरण निर्धारित समयसीमा के भीतर PWD-IMS सिस्टम में दर्ज किया जाए। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए समय पर लागत अनुमान और आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया।
अनुकंपा नियुक्ति और कोर्ट केस की भी समीक्षा: सचिव ने बैठक में अनुकंपा नियुक्तियों तथा विभाग से जुड़े लंबित न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभागीय स्तर पर लंबित प्रशासनिक कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
निविदा के बाद तुरंत जारी होंगे कार्यादेश: निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी करने में देरी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियंता-प्रमुख को परियोजनाओं की वास्तविक पूर्णता अवधि तय करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने को कहा गया है। इसमें मानसून, बिजली के खंभों, पाइपलाइनों और अन्य यूटिलिटी लाइनों के स्थानांतरण जैसी व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा।
रायपुर सर्किल के संभागों के पुनर्गठन पर भी निर्देश: बैठक में रायपुर सर्किल-1 के अंतर्गत आने वाले चार संभागों के पुनर्गठन और उनके अधिकार क्षेत्रों के नए सीमांकन पर भी चर्चा हुई। राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने को भी कहा गया है।
मानसून में सड़क मरम्मत को प्राथमिकता: बारिश के मौसम को देखते हुए सचिव ने सड़कों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान कर तत्काल पैचवर्क और मरम्मत कराई जाए। प्रदर्शन गारंटी के अंतर्गत आने वाली सड़कों के संबंध में ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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