राजनांदगांव, छत्तीसगढ़।
आग की लपटें हों या जहरीली गैस का रिसाव, आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। राजनांदगांव जिला अग्निशमन-आपातकालीन सेवा (नगर सेना) की टीम ने हाल के दिनों में ऐसे ही कई गंभीर हादसों में समय पर पहुंचकर आग को फैलने से रोका और बड़ी जनहानि व आर्थिक नुकसान को टालने में अहम भूमिका निभाई। प्रशिक्षित फायर टीम ने आधुनिक उपकरणों के साथ केमिकल प्लांट, रिफाइनरी, राइस मिल, शोरूम, बसों, मालगाड़ी और वाटर फिल्टर प्लांट में हुए हादसों में रेस्क्यू और फायर कंट्रोल ऑपरेशन किए।
केमिकल प्लांट में आग, समय रहते रोका फैलाव
मोहंदी स्थित जया और जालबांधा केमिकल प्लांट में ज्वलनशील रसायनों के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा था। सूचना मिलते ही फायर टीम मौके पर पहुंची और आसपास के हिस्से को सुरक्षित करते हुए आग पर काबू पाया। त्वरित कार्रवाई से आग को बड़े क्षेत्र में फैलने से रोका गया।
रिफाइनरी और राइस मिल में टला बड़ा नुकसान
बुद्धफरदा स्थित रामदेव रिफाइनरी और पार्रीकला के अग्रवाल राइस मिल में लगी आग को भी टीम ने समय रहते नियंत्रित कर लिया। आग पर जल्द काबू पाने से बड़ी मात्रा में तैयार माल और कच्चे तेल को नुकसान से बचाया जा सका।
शोरूम में आग, आसपास के कारोबार पर भी था खतरा
कोरिनभाठा के अंशदीप इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फर्नीचर शोरूम में आग लगने की घटना घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्र में हुई। ऐसे में आग के आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों तक पहुंचने का खतरा था। फायर टीम ने तेजी से मोर्चा संभाला और आग को सीमित क्षेत्र में ही नियंत्रित कर दिया।
पांच बसों की आग को दूसरे वाहनों तक पहुंचने से रोका
दादा बस सर्विस की पांच बसों में आग लगने की घटना में भी फायर टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आग पर नियंत्रण पाने के साथ आसपास खड़े अन्य वाहनों को सुरक्षित किया गया। इससे हादसे का दायरा बढ़ने से रोकने में मदद मिली।
मालगाड़ी की कोयला बोगी में आग बुझाई
ग्राम बांकल में मालगाड़ी की कोयला बोगी में आग लगने की सूचना मिलने पर अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा। टीम ने आग को जल्द नियंत्रित किया, जिससे घटना के और गंभीर रूप लेने की आशंका कम हुई और रेलवे यातायात पर भी बड़ा असर पड़ने से बचा।
क्लोरीन गैस रिसाव बना सबसे गंभीर खतरा
मोहारा स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना ने कर्मचारियों और आसपास के लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया था। जहरीली गैस करीब 100 से 200 मीटर के क्षेत्र में फैलने लगी थी। फायर स्टेशन प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने रिसाव के स्रोत की पहचान कर उसे पूरी तरह सील किया। समय पर की गई इस कार्रवाई से संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में सफलता मिली।
प्रशिक्षित टीम और आधुनिक उपकरण बने ताकत
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी एके सिंह के मार्गदर्शन में फायर टीम लगातार आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहती है। अधिकारियों के अनुसार, त्वरित प्रतिक्रिया, प्रशिक्षित कर्मचारियों और आधुनिक उपकरणों के बेहतर इस्तेमाल से इन घटनाओं में आग और गैस रिसाव को समय रहते नियंत्रित किया जा सका।
मॉक ड्रिल से हादसे से पहले तैयारी
अग्निशमन विभाग अब केवल हादसा होने के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं है। स्कूलों, शासकीय कार्यालयों, औद्योगिक संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए नियमित मॉक ड्रिल और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों को आपात स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना और संभावित हादसों में नुकसान को न्यूनतम रखना है।
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