By Swatantra Chhattisgarh
हेड लाइंस
• शराब दुकानों में ओवररेटिंग पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
• बालोद और बलौदाबाजार-भाटापारा के दो आबकारी उप निरीक्षक निलंबित
• एडीईओ निलोफर जैन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
• राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने (ओवररेटिंग) और निगरानी में लापरवाही के मामलों पर आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के आधार पर आबकारी आयुक्त ने दो आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीईओ) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के सचिव को पत्र भेजा गया है। विभाग की इस कार्रवाई को शराब दुकानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ओवररेटिंग और लापरवाही पर कड़ा संदेश
आबकारी विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित शराब दुकानों का निरीक्षण राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा किया गया था। जांच के दौरान कुछ दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री और नियंत्रण व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के मामले सामने आए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आबकारी आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इन अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
कार्रवाई के तहत बालोद जिले के गुरूर में पदस्थ आबकारी उप निरीक्षक आशाराम शाक्य को निलंबित किया गया है। इसके अलावा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रोहासी स्थित देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक पी. माधव राव के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभाग का मानना है कि संबंधित क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण ओवररेटिंग जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
एडीईओ के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
इसी मामले में बालोद जिले की देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान अरकार की प्रभारी एवं मंडल प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीईओ) निलोफर जैन के विरुद्ध भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। आबकारी आयुक्त ने उनके शिथिल नियंत्रण, कर्तव्य के प्रति लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को गंभीर मानते हुए सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। अब शासन स्तर पर इस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शराब दुकानों की निगरानी होगी और सख्त
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर की शराब दुकानों में नियमित निरीक्षण और निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा। निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने, नियमों के उल्लंघन या प्रशासनिक लापरवाही की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य शराब बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से शराब दुकानों में मनमानी कीमत वसूलने की शिकायतों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही तय की जा रही है। यदि निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया लगातार प्रभावी रही तो उपभोक्ताओं को निर्धारित दर पर शराब उपलब्ध कराने की व्यवस्था और मजबूत होगी।
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब शासन विभिन्न विभागों में जवाबदेही बढ़ाने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रहा है। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी निरीक्षण अभियान तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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