स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेड लाइंस
• रायपुर पुलिस ने 200 किलोग्राम गांजा किया जब्त
• ट्रक में हेवी मशीनरी के बीच छिपाकर ले जाई जा रही थी खेप
• बिहार के रहने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, ओडिशा से नागपुर ले जा रहे थे गांजा
• एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। तेलीबांधा थाना पुलिस, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में करीब 200 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो रिश्ते में पिता-पुत्र हैं। दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में रहकर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हुए थे। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई अंतरराज्यीय नशा तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल
क्राइम एंड साइबर डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंदिरहसौद की ओर से रायपुर आ रहे एक छह चक्का अशोक लीलैंड ट्रक में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के सामने सर्विस रोड पर नाकेबंदी की। कुछ ही देर बाद संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रक में रखी गई भारी मशीनरी के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाई गई सात बोरियों में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही ट्रक को जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में सामने आए अहम तथ्य
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपनी पहचान मोहम्मद लाल और मोहम्मद रुस्तम के रूप में बताई। दोनों रिश्ते में पिता-पुत्र हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वे कई वर्षों से माल परिवहन के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और छत्तीसगढ़ के रास्ते मुंबई, कोलकाता तथा अन्य राज्यों के बीच नियमित रूप से ट्रकों का संचालन करते रहे हैं। पुलिस के अनुसार इस बार गांजे की खेप ओडिशा से नागपुर ले जाई जा रही थी। तस्करों ने शक से बचने के लिए गांजे को हेवी मशीनरी के बीच छिपाया था, ताकि सामान्य जांच में यह दिखाई न दे। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सटीक सूचना के कारण पूरी खेप बरामद कर ली गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि केवल खेप पकड़ना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि इस तस्करी नेटवर्क के पूरे तंत्र का पता लगाना भी जांच का हिस्सा है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि गांजा किस गिरोह ने उपलब्ध कराया, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
नशे के खिलाफ लगातार अभियान
रायपुर पुलिस के अनुसार कमिश्नरेट क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा अब तक एनडीपीएस एक्ट के 62 मामलों में 152 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन कार्रवाइयों में 5 करोड़ 22 लाख 11 हजार 290 रुपये मूल्य के गांजा, प्रतिबंधित नशीली गोलियां, एमडीएमए पार्टी पिल्स, कोकीन, हेरोइन, प्रतिबंधित सिरप, डोडा, नकदी, चारपहिया वाहन और मोबाइल फोन सहित बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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