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अगरबत्ती मशीन और बायबैक गारंटी के नाम पर कथित ठगी! कई जिलों के पीड़ित पहुंचे रायपुर, भारत ग्रुप के खिलाफ FIR की मांग…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़

हेड लाइंस
• अगरबत्ती बनाने की मशीन और बायबैक गारंटी के नाम पर कथित ठगी का आरोप
• रायपुर के फाफाडीह स्थित भारत ग्रुप के खिलाफ कमिश्नरेट में सामूहिक शिकायत
• पीड़ितों ने FIR दर्ज करने और विशेष जांच की मांग की
• मशीनें सही से नहीं चलने, GST बिल नहीं देने और भुगतान रोकने के आरोप
• विरोध करने पर कानूनी नोटिस और धमकी देने का भी लगाया आरोप

रायपुर, छत्तीसगढ़: रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन में संचालित भारत ग्रुप के खिलाफ छत्तीसगढ़ के कई जिलों से पहुंचे पीड़ितों ने सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी ने अगरबत्ती बनाने की मशीन, बायबैक गारंटी और घर बैठे रोजगार का लालच देकर लाखों रुपये की वसूली की। मामले की शिकायत जनदर्शन में कलेक्टर से करने के बाद पीड़ित रायपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और कंपनी के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

घर बैठे कमाई का दिया गया था दावा

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कंपनी ने विज्ञापनों और प्रचार के माध्यम से दावा किया था कि मशीन से प्रतिदिन 80 से 100 किलो अगरबत्ती का उत्पादन होगा और तैयार माल कंपनी तय कीमत पर स्वयं खरीदेगी। साथ ही मशीन की सर्विस और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी लेने का आश्वासन दिया गया था। कंपनी ने हर महीने 18 हजार से 60 हजार रुपये तक आय होने का दावा कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।

मशीनें खराब, उत्पादन क्षमता भी नहीं मिली

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर करीब 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये तक की मशीनें खरीदीं। लेकिन मशीनों का सही तरीके से इंस्टॉलेशन नहीं किया गया। कई मशीनें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जबकि जो मशीनें चल रही हैं वे वादा किए गए उत्पादन की तुलना में केवल 15 से 20 किलो तक ही उत्पादन कर पा रही हैं। इससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

GST बिल नहीं देने और कम वजन का माल भेजने के आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने मशीनों की बिक्री के दौरान वैध GST बिल उपलब्ध नहीं कराया और केवल कच्चा चालान दिया। पीड़ितों ने इसे टैक्स चोरी का मामला बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा कंपनी द्वारा भेजे गए कच्चे माल का वजन भी दस्तावेजों में दर्ज मात्रा से कम होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बोरियों में 2 से 3 किलो तक वजन कम मिला, जिसके डिजिटल वजन के फोटो भी उनके पास मौजूद हैं।

बायबैक का वादा नहीं निभाने का आरोप

पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने तैयार अगरबत्ती खरीदने का वादा भी पूरा नहीं किया। विभिन्न कारण बताकर तैयार माल लेने से इनकार कर दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में अगरबत्ती खराब हो गई। साथ ही रिजेक्शन के नाम पर मनमाने तरीके से कटौती करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में सवाल उठाए तो उन्हें कानूनी नोटिस भेजे गए और अनुबंध समाप्त करने की धमकी दी गई। कुछ लोगों पर माफीनामा लिखने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ितों ने कलेक्टर और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के वित्तीय लेन-देन, GST और नापतौल संबंधी रिकॉर्ड की जांच करने, दोषपूर्ण मशीनें वापस लेने तथा निवेश की गई राशि ब्याज और मुआवजे सहित लौटाने की मांग की है। साथ ही कंपनी के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की भी मांग की गई है। फिलहाल मामले में प्रशासन और पुलिस द्वारा शिकायतों की जांच की प्रक्रिया जारी है।

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