Site icon स्वतंत्र छत्तीसगढ़

जंगल में छिपा था नक्सलियों का गुप्त हथियार भंडार, सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन में बरामद किए हथियार और जिंदा कारतूस…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़

हेड लाइंस
• सुकमा के बोधराज पाड़र जंगल में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान मिली बड़ी सफलता
• .315 बोर रायफल, 49 जिंदा कारतूस समेत अन्य सामग्री बरामद
• पुलिस-सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका

सुकमा, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र अंतर्गत बोधराज पाड़र के घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया गुप्त हथियार भंडार (डंप) बरामद किया गया। सुरक्षा बलों ने मौके से एक .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, 49 जिंदा कारतूस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है। इस कार्रवाई को नक्सलियों के हथियारों की आपूर्ति और उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।

गुप्त सूचना के आधार पर चला संयुक्त अभियान
पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बोधराज पाड़र के जंगलों में सक्रिय नक्सलियों ने हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में भेज्जी थाना पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 50वीं बटालियन के जवानों की संयुक्त टीम गठित की गई। इसके बाद पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में कई घंटों तक तलाशी लेने के बाद जवानों ने नक्सलियों के गुप्त हथियार भंडार का पता लगाया। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की बारीकी से जांच की ताकि किसी प्रकार का विस्फोटक या अन्य संदिग्ध सामग्री भी छूट न जाए।

बरामद हथियार और कारतूस से खुल सकती हैं कई कड़ियां
संयुक्त टीम ने मौके से एक .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, 7.62×39 एमएम के 47 जिंदा कारतूस, 7.62×51 एमएम के 2 जिंदा कारतूस, एक एल्यूमिनियम कंटेनर तथा अन्य उपयोगी सामग्री बरामद की है। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल नक्सली भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए कर सकते थे। बरामद सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि हथियारों का इस्तेमाल पहले किन घटनाओं में हुआ है और इन्हें किस नक्सली संगठन या दलम द्वारा छिपाया गया था। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं।

लगातार कमजोर हो रहा नक्सलियों का नेटवर्क
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ महीनों में कई बड़े नक्सली ठिकाने ध्वस्त किए गए हैं, भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा कई इनामी नक्सली गिरफ्तार हुए हैं, जबकि अनेक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मिल रही ऐसी सफलताएं नक्सलियों की गतिविधियों को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं।

सुरक्षा बलों का अभियान रहेगा जारी
सर्च ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद संयुक्त टीम सुरक्षित अपने कैंप लौट आई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है तथा जंगलों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाए जाएंगे। प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों के सहयोग और सुरक्षा बलों की सतर्कता से क्षेत्र में शांति और विकास को और मजबूती मिलेगी।

खबरें और भी…

Exit mobile version