स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेड लाइंस
● बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर 35 साल पुराना पुल अचानक दो हिस्सों में टूटा
● पुल टूटते समय ऊपर से गुजर रही यात्री बस बीच में फंसी, बड़ा हादसा टला
● पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक, जबलपुर और शहडोल का सीधा सड़क संपर्क प्रभावित
● प्रशासन ने हाईवे पर आवागमन रोका, वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही शुरू
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल के पास स्थित करीब 35 वर्ष पुराना पुल अचानक बीच से टूटकर दो हिस्सों में बंट गया। उसी समय पुल से गुजर रही एक यात्री बस टूटे हुए हिस्से पर जाकर फंस गई। बस का अगला हिस्सा पुल के टूटे स्लैब के किनारे अटक गया, जिससे वह नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई। घटना शाम लगभग 5 बजे की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
बारिश के बीच जर्जर पुल ने छोड़ा साथ
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बांसाझाल स्थित यह पुल लगभग 35 साल पुराना था और लंबे समय से इसकी स्थिति जर्जर बताई जा रही थी। लगातार हो रही बारिश के कारण पुल की संरचना और कमजोर हो गई थी। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 का हिस्सा है। इस परियोजना पर लगभग 510 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के कई हिस्सों में पहले से दरारें दिखाई दे रही थीं, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे।
कई जिलों और मध्य प्रदेश से संपर्क प्रभावित
पुल टूटने के बाद बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस घटना से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक सहित मध्य प्रदेश के जबलपुर और शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ से सीधा सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अचानक यातायात बाधित होने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने जारी किया डायवर्जन प्लान
घटना के तुरंत बाद प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। फिलहाल बिलासपुर से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक और जबलपुर की ओर जाने वाले वाहनों को निर्धारित डायवर्जन रूट से भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पुल की तकनीकी जांच के बाद ही आगे की मरम्मत या पुनर्निर्माण का निर्णय लिया जाएगा।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग और संबंधित तकनीकी एजेंसियां पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में लगातार बारिश और पुल की पुरानी संरचना को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाएं।
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