स्वतंत्र छत्तीसगढ़
प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हेड लाइंस
• अगले 5 दिनों तक प्रदेश में बारिश के आसार
• कई जिलों में गरज-चमक और भारी वर्षा की चेतावनी
• सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे अधिक 769.1 मिमी बारिश दर्ज
• प्रदेश के 11 जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे
• दो सक्रिय मौसमी सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में सोमवार को मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और आवश्यकता होने पर ही खुले क्षेत्रों में जाने की सलाह दी है।
अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक 3 अगस्त से 7 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण कई इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा बिलासपुर संभाग के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई है। यहां 769.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में आगे भी अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
11 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश वाले
प्रदेश के 33 जिलों के वर्षा आंकड़ों के अनुसार एक जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है। पांच जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि 16 जिलों में बारिश सामान्य स्तर पर रही। वहीं 11 जिलों में अब भी सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। राहत की बात यह है कि किसी भी जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी दर्ज नहीं की गई है।
दो सक्रिय मौसमी सिस्टम का असर
मौसम विभाग के अनुसार समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका जैसलमेर, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र, बांदा, डेहरी और मालदा होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बिहार तक एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं और आगामी दिनों में भी मौसम का यही मिजाज रहने की संभावना है।
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