स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेड लाइंस
• दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने केंद्रीय जेल का किया आकस्मिक निरीक्षण
• वर्चुअल पेशियों को बढ़ाने और लंबित भुगतान शीघ्र करने के निर्देश
• निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले उप जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस
• जेल की विभिन्न शाखाओं, अस्पताल, उद्योग और महिला प्रकोष्ठ का किया अवलोकन
• जेल में 2273 पुरुष और 134 महिला बंदी, पांच बच्चे भी मौजूद
दुर्ग, छत्तीसगढ़: दुर्ग जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने शनिवार को केंद्रीय जेल दुर्ग का आकस्मिक निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की विभिन्न शाखाओं, अस्पताल, उद्योग इकाई, नव निर्मित बैरकों, महिला प्रकोष्ठ और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश भी अधिकारियों को दिए। वहीं निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले उप जेल अधीक्षक (उद्योग) अशोक कन्नौजिया के प्रति नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जेल की व्यवस्थाओं और सुविधाओं का किया विस्तृत निरीक्षण
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने निरीक्षण के दौरान कल्याण शाखा, उद्योग शाखा, जेल अस्पताल, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, एलईडी बल्ब उद्योग, नव निर्मित बैरक एवं अस्पताल भवन, पाकशाला, नवीन जेल परिसर, प्रिजनर कॉलिंग सुविधा, एमसीयू कक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, निर्वाह शाखा, विधि शाखा, वारंट शाखा, लेखा शाखा, सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष तथा महिला प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी भी ली।
वर्चुअल पेशियों और लंबित भुगतान पर दिए विशेष निर्देश
वारंट शाखा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विचाराधीन कैदियों के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बंदियों की अधिक से अधिक पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। इसके साथ ही पीड़ित पक्ष को देय लंबित राशि के भुगतान से संबंधित जानकारी शीघ्र एकत्र कर समिति के समक्ष प्रस्तुत करने तथा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में संचालित गौशाला का भी अवलोकन किया गया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
अनुपस्थित अधिकारी पर कार्रवाई, जेल में 2407 बंदी निरुद्ध
निरीक्षण के दौरान उप जेल अधीक्षक (उद्योग) अशोक कन्नौजिया निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं मिले। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जेल प्रशासन के अनुसार निरीक्षण के समय केंद्रीय जेल दुर्ग में 2273 पुरुष बंदी तथा 134 महिला बंदी निरुद्ध थीं। महिला बंदियों के साथ पांच बच्चे भी जेल परिसर में रह रहे हैं। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सोनाल डेविड, एसडीएम दुर्ग शहर प्रफुल्ल कुमार गुप्ता तथा जेल अधीक्षक मनीष संभाकर भी उपस्थित रहे।
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