रायपुर, छत्तीसगढ़, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क
गुरु पूर्णिमा पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षकों का सम्मान किया, विद्यार्थियों को संस्कार, धैर्य और स्थानीय शिक्षा संस्थानों पर भरोसा रखने का संदेश दिया।
हेड लाइंस
• गुरु पूर्णिमा पर शिक्षकों, युवा अध्यापकों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
• बृजमोहन अग्रवाल बोले- शिक्षा का उद्देश्य बेहतर इंसान बनाना है, केवल डिग्री दिलाना नहीं
• शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संबंध बनाने का किया आह्वान
• विद्यार्थियों को धैर्य, संस्कार और दिखावे की होड़ से दूर रहने की सलाह
• सामान्य उच्च शिक्षा के लिए छत्तीसगढ़ के संस्थानों पर भरोसा जताने की अपील
रायपुर, छत्तीसगढ़: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों, युवा अध्यापकों तथा मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि एक बेहतर और जिम्मेदार इंसान का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि माता-पिता जीवन के पहले शिक्षक होते हैं और विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है।
शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, संस्कार भी दें
अपने गुरुजनों की उपस्थिति से भावुक हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उन्हें उन शिक्षकों का सम्मान करने का अवसर मिला जिन्होंने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, क्योंकि उसका पूरा जीवन सीखने और सिखाने के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने ज्ञान और शिक्षा के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि विषयों की जानकारी देना ज्ञान है, जबकि शिष्टाचार, अनुशासन, बड़ों का सम्मान और सही-गलत की पहचान कराना वास्तविक शिक्षा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ दोस्ताना और आत्मीय संबंध बनाने का आग्रह किया ताकि बच्चे अपनी समस्याएं भी खुलकर साझा कर सकें।
विद्यार्थियों को धैर्य और अनुशासन का संदेश
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि वर्तमान समय में धैर्य की कमी कई सामाजिक और व्यक्तिगत समस्याओं का कारण बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से दिखावे और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से दूर रहकर पढ़ाई, संस्कार और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक यदि किसी बात पर रोकते या डांटते हैं तो उसके पीछे बच्चों का हित ही छिपा होता है।
स्थानीय शिक्षा संस्थानों पर भरोसा रखने की अपील
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बीकॉम, बीएससी, बीबीए जैसे सामान्य पाठ्यक्रमों के लिए दूसरे शहरों या विदेश जाकर माता-पिता पर आर्थिक बोझ डालने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। हालांकि स्पेस टेक्नोलॉजी, सुपर कंप्यूटर जैसे विशेष पाठ्यक्रमों के लिए बाहर जाना आवश्यक हो सकता है, जिसके लिए सरकार और बैंक भी सहयोग प्रदान करते हैं।
जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, कांतिलाल जैन, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, अभिषेक अग्रवाल, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, सचिन मेघानी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: यह कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित किया गया था?
उत्तर: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
प्रश्न 2: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर: सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रश्न 3: कार्यक्रम में किन लोगों का सम्मान किया गया?
उत्तर: वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, युवा अध्यापक और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
प्रश्न 4: बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा को लेकर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनाना और अच्छे संस्कार देना है।
प्रश्न 5: विद्यार्थियों को क्या संदेश दिया गया?
उत्तर: उन्होंने धैर्य रखने, अनुशासन अपनाने, दिखावे की होड़ से दूर रहने और पढ़ाई के साथ संस्कारों पर ध्यान देने की सलाह दी।
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