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सावन उत्सव में संस्कृति, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संगम, महिलाओं ने लिया पौधारोपण का संकल्प…

रायपुर, छत्तीसगढ़,स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क

शिष्टकरणम महिला विंग “नारी शक्ति” द्वारा शनिवार को आयोजित सावन उत्सव में भारतीय संस्कृति, सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने गीत-संगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक खेलों के साथ सावन का उल्लास मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने पौधे भेंट कर हरियाली बढ़ाने और जरूरतमंदों की सहायता का संकल्प भी लिया।

हेड लाइंस
• शिष्टकरणम महिला विंग “नारी शक्ति” ने मनाया सावन उत्सव
• पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
• कुष्ठ आश्रम और बाल आश्रम की सहायता का लिया संकल्प
• पौधे भेंट कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
• प्रत्येक महिला ने पांच लोगों को पौधे उपहार देने का लिया संकल्प

रायपुर, छत्तीसगढ़: सावन उत्सव के दौरान महिलाओं ने गीत-संगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक खेलों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। फुगड़ी, पिट्ठूल, पोशांपा भाई पोशांपा जैसे पारंपरिक खेलों के साथ हाउसी एवं अन्य मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। हरे रंग की पारंपरिक वेशभूषा, चूड़ियां, कंगन और पायल से सजी महिलाओं ने पूरे आयोजन को सावन के रंगों से सराबोर कर दिया।

सेवा कार्यों के लिए बढ़ाया सहयोग का हाथ
उत्सव के दौरान महिलाओं ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित कर आगामी सप्ताह कुष्ठ आश्रम और बाल आश्रम में सहयोग करने का निर्णय लिया। आयोजकों ने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जरूरतमंद लोगों की मदद करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

पौधे भेंट कर दिया हरियाली का संदेश
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाब, तुलसी, नीम और जामुन के पौधे उपहार स्वरूप भेंट किए। साथ ही यह संकल्प लिया कि इस सावन प्रत्येक महिला कम से कम पांच लोगों को पौधे उपहार में देगी और उन्हें भी आगे पांच-पांच लोगों तक पौधे पहुंचाने के लिए प्रेरित करेगी। इस पहल का उद्देश्य वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़कर हरियाली बढ़ाना है।

संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने, पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। आयोजन में उत्साह, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक दायित्व का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: सावन उत्सव का आयोजन किसने किया?
उत्तर: शिष्टकरणम महिला विंग “नारी शक्ति” द्वारा रायपुर में सावन उत्सव का आयोजन किया गया।

प्रश्न 2: कार्यक्रम में कौन-कौन से पारंपरिक खेल आयोजित किए गए?
उत्तर: फुगड़ी, पिट्ठूल, पोशांपा भाई पोशांपा, हाउसी सहित कई पारंपरिक और मनोरंजक खेल आयोजित किए गए।

प्रश्न 3: महिलाओं ने सामाजिक सेवा के लिए क्या निर्णय लिया?
उत्तर: महिलाओं ने आपसी सहयोग से राशि एकत्र कर कुष्ठ आश्रम और बाल आश्रम में सहयोग करने का निर्णय लिया।

प्रश्न 4: पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या पहल की गई?
उत्तर: महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाब, तुलसी, नीम और जामुन के पौधे भेंट किए तथा अधिक से अधिक लोगों तक पौधे पहुंचाने का संकल्प लिया।

प्रश्न 5: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरियाली को बढ़ावा देना।

प्रश्न 6: आयोजन का प्रमुख संदेश क्या रहा?
उत्तर: भारतीय संस्कृति का संरक्षण, सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाना।

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